गरबा में गैर-हिंदुओं को बाहर जाने का एलान, आदित्य गढ़वी ने जताया ऐतराज
गैर-हिंदुओं को बाहर जाने के एलान पर विवाद
अहमदाबाद: नवरात्र के दौरान अहमदाबाद में आयोजित एक गरबा कार्यक्रम में गैर-हिंदुओं और मुस्लिमों को आयोजन स्थल से बाहर जाने की घोषणा पर विवाद खड़ा हो गया है। कार्यक्रम से जुड़े प्रसिद्ध गुजराती लोकगायक आदित्य गढ़वी ने इस घोषणा से असहमति जताते हुए स्पष्ट किया कि यह उनका संदेश नहीं था। उन्होंने कहा कि उनके मंच का उद्देश्य संगीत और भक्ति है तथा मां अंबे के प्रति सम्मान लेकर आने वाले लोगों का स्वागत है।
घटना बुधवार, 14 अक्टूबर को शेला रोड स्थित सवाना पार्टी प्लॉट में आयोजित ‘रंग मोरला फीट आदित्य गढ़वी’ कार्यक्रम की है। सामने आए वीडियो में एंकर आरजे आकाश त्रिवेदी मंच से अन्य धर्मों के लोगों और मुस्लिमों से मैदान छोड़ने की अपील करते दिखाई दिए। घोषणा में विश्व हिंदू परिषद के सदस्यों की मौजूदगी का उल्लेख भी किया गया। इसका वीडियो प्रसारित होने के बाद आयोजन और उससे जुड़े कलाकारों को लेकर सवाल उठने लगे।
आदित्य गढ़वी ने सोशल मीडिया पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनके नाम पर बहुत कुछ कहा जा रहा है, इसलिए स्थिति स्पष्ट करना आवश्यक है। उन्होंने खुद को कलाकार और आस्थावान हिंदू बताते हुए नवरात्र को अपने लिए बेहद पवित्र समय बताया। गढ़वी ने कहा कि मंच से की गई घोषणा उनकी ओर से नहीं थी और वह ऐसे संदेश का समर्थन नहीं करते। उनके मुताबिक, उनकी टीम से इस संबंध में परामर्श नहीं किया गया था। गायक ने गरबा में विभिन्न धर्मों के लोगों की भागीदारी की परंपरा का उल्लेख किया। उनका कहना था कि मां के प्रति प्रेम और सम्मान लेकर आने वाले व्यक्ति के लिए उनके गरबा में जगह है। उन्होंने अपने संदेश में धार्मिक आस्था के साथ लोगों को जोड़ने पर जोर दिया।
घोषणा करने वाले एंकर आकाश ने भी बाद में सफाई दी। उन्होंने कहा कि मंच से कही गई बात उनका व्यक्तिगत विचार या संदेश नहीं था। अहमदाबाद ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश जाट ने बताया कि पुलिस ने विवादित बयान का संज्ञान लिया है और जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, गुजरात विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता हितेंद्रसिंह राजपूत ने घोषणा का बचाव किया। उन्होंने कहा कि बजरंग दल के स्वयंसेवक गरबा आयोजनों में जाकर आयोजकों से गैर-हिंदुओं के प्रवेश को रोकने का अनुरोध करते हैं। उनके अनुसार, बुधवार को भी स्वयंसेवक कार्यक्रम में पहुंचे थे और इसके बाद मंच से घोषणा की गई। यह संगठन का पक्ष है, जबकि गढ़वी ने अपने बयान में उस संदेश से स्पष्ट दूरी बनाई है।