Surat: गुजरात के सूरत जिले के पलसाना इलाके में बुधवार, 17 दिसंबर को माखीगा गांव स्थित श्री बालाजी केमिकल कंपनी में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैल गई कि इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग की चपेट में कंपनी का एक केमिकल टैंकर और पास खड़ा एक अन्य टेम्पो भी आ गया।
स्थानीय प्रशासन और फायर ब्रिगेड ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। मौके पर 10 से अधिक फायर ब्रिगेड वाहन पहुंच गए। बारडोली, कडोदरा, कामरेज, सचिन सहित आसपास के क्षेत्रों की फायर टीमों ने आग पर काबू पाने के प्रयास किए। दमकल कर्मी फोम का छिड़काव कर रहे हैं और पानी की बौछारों से आग बुझाने में जुटे हैं। आग की लपटें इतनी भयंकर हैं कि दूर-दूर से दिखाई दे रही हैं, और आसमान में आग का गुबार नजर आ रहा है।
घटना में एक मजदूर घायल हुआ है, जिसे तुरंत 108 एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। स्थानीय प्रशासन ने आसपास के लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाने का आदेश दिया। पलसाना पुलिस भी घटनास्थल पर मौजूद है और स्थिति पर नजर रख रही है।
कंपनी में मौजूद केमिकल की वजह से आग विकराल रूप धारण कर चुकी है, जिससे दमकल कर्मियों के लिए आग पर काबू पाना चुनौतीपूर्ण हो गया है। फिलहाल आग लगने के कारणों की पुष्टि प्रशासन और पुलिस द्वारा नहीं की गई है।
आग की घटना के कारण इलाके में काफी हड़कंप मचा हुआ है। स्थानीय लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकलकर सुरक्षा के लिए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे हैं। दमकल कर्मियों ने आग बुझाने के लिए फोम और पानी का मिश्रित छिड़काव शुरू किया है, ताकि आग को नियंत्रित किया जा सके।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि आग की वजह से किसी अन्य व्यक्ति के हताहत होने की सूचना अभी तक नहीं मिली है। हालांकि एक मजदूर के घायल होने की जानकारी सामने आई है, और उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। प्रशासन की ओर से लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार फायर ब्रिगेड और पुलिस की अतिरिक्त टीमें तैनात की जा रही हैं।
इस आग की घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि केमिकल फैक्ट्री में सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन बहुत जरूरी होता है, और इसके अभाव में इस तरह की घटनाएं गंभीर परिणाम ला सकती हैं।
स्थानीय प्रशासन और फायर विभाग मिलकर आग पर काबू पाने में लगे हैं। आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को दूर रहने की सलाह दी गई है। आग के कारण केमिकल कंपनी के अंदर बने उत्पाद और उपकरण भी नुकसान का शिकार हुए हैं।
यह आग की घटना इलाके में रहने वाले लोगों और कर्मचारियों के लिए खतरनाक साबित हो सकती थी, लेकिन समय रहते फायर ब्रिगेड और पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने नुकसान को नियंत्रित किया। प्रशासन ने लोगों से आग के पास न जाने की अपील की है और आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल फायर विभाग की टीम लगातार आग बुझाने के प्रयास में जुटी हुई है। दमकल कर्मियों ने फोम और पानी का मिश्रित छिड़काव जारी रखा है। अधिकारियों का कहना है कि आग पर पूरी तरह से काबू पाने में कुछ घंटे लग सकते हैं।
घटना ने यह भी दिखाया कि केमिकल फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों और आपातकालीन तैयारियों का पालन कितना महत्वपूर्ण है। स्थानीय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि घायल मजदूर का इलाज किया जा रहा है और इलाके में किसी भी तरह की अतिरिक्त दुर्घटना से बचने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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