गोवा। चिकेरी-मायेम इलाके में शुक्रवार रात एक गौशाला में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग की इस घटना में गौशाला के एक हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस हादसे में करीब 10 लाख रुपये की संपत्ति जलकर नष्ट हो गई है।
जानकारी के मुताबिक, आग गौशाला के उस हिस्से में लगी जहां उपकरण और अन्य सामान रखा हुआ था। देखते ही देखते आग ने वहां मौजूद सामग्री को अपनी चपेट में ले लिया और गौशाला का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। आग की लपटें उठते देख आसपास के लोगों ने तुरंत इसकी सूचना संबंधित विभाग को दी और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
स्थानीय लोगों की तत्परता और समय रहते की गई कार्रवाई के कारण आग को ज्यादा फैलने से रोक लिया गया। सबसे राहत की बात यह रही कि आग उस हिस्से तक नहीं पहुंच सकी जहां मवेशियों को रखा गया था। अगर आग मवेशियों के बाड़े तक पहुंच जाती तो बड़ी संख्या में पशुओं की जान खतरे में पड़ सकती थी और भारी नुकसान हो सकता था।
घटना के बाद गौशाला संचालकों और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल देखा गया। आग के कारण गौशाला में रखे कई जरूरी उपकरण, सामान और अन्य सामग्री पूरी तरह जल गई। नुकसान का आकलन किया जा रहा है और प्रभावित हिस्से की मरम्मत की तैयारी की जा रही है।
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। आशंका जताई जा रही है कि आग किसी तकनीकी खराबी, शॉर्ट सर्किट या अन्य वजह से लगी हो सकती है। हालांकि इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
घटना की सूचना मिलने के बाद संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। आग बुझाने के प्रयासों में स्थानीय लोगों ने भी सहयोग किया। अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा।
गौशाला में हुई इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। पशुपालन से जुड़े लोगों का कहना है कि गौशालाओं में आग से बचाव के लिए पर्याप्त इंतजाम होना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बड़े नुकसान को रोका जा सके।
स्थानीय प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे बिजली उपकरणों और ज्वलनशील सामग्री के इस्तेमाल में सावधानी बरतें। समय-समय पर सुरक्षा जांच करने से इस तरह की दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।