एक दिन पहले पंजाब में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सुरक्षा में गंभीर लापरवाही को लेकर जहां सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है। वहीं कई वरिष्ठतम पूर्व आइपीएस अधिकारियों ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द को पत्र लिखकर चिंता जताई है। उन्होंने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप कर यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया है कि इस सीमावर्ती राज्य में सभी नेताओं की सुरक्षा का इंतजाम हो।

आइपीएस लाबी ने जताई नाराजगी
पंजाब के पूर्व डीजीपी पीसी डोगरा, महाराष्ट्र के पूर्व डीजीपी प्रवीण दीक्षित समेत दो दर्जन से ज्यादा पूर्व अधिकारियों ने इस पत्र में कहा है कि पंजाब में जो कुछ हुआ, वैसा कभी नहीं हुआ। इनमें से कई अधिकारी पूर्व डीजीपी और कुछ सीआइएसएफ, सीबीआइ, आइटीबीपी आदि में डीजी के पद पर रह चुके हैं।
सुरक्षा में चूक दुर्भाग्यपूर्ण घटना
गौरतलब है कि एसपीजी सुरक्षा प्राप्त प्रधानमंत्री के किसी भी दौरे में तय रूट पर सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है। अचरज की बात है कि यहां रूट पर प्रदर्शनकारी आ गए और पुलिस के लोग उन्हें हटाने के बजाय चाय पीते नजर आ रहे हैं। पूर्व अधिकारियों ने कहा कि पंजाब जैसे सीमावर्ती राज्य में इस तरह की घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। पड़ोसी देशों से वहां शांति भंग करने की कोशिश हो सकती है। लिहाजा राष्ट्रपति कार्रवाई करें ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत रहे और चुनाव में सभी दलों के नेताओं को सुरक्षा मिले। कार्रवाई किस तरह की हो, पत्र में उन्होंने इसका उल्लेख नहीं किया है।


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