बदायूं जिले में सर्दी अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, लेकिन यहां मलेरिया और फाल्सीपेरम मलेरिया के मरीज मिलने लगे हैं। ऐसा उन हालात में है, जब मच्छरों की तादात अभी सीमित है। स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में इस तथ्य का खुलासा होने पर अफसरों के माथे पर बल पड़ गए हैं, क्योंकि 4 साल पहले साल 2018 में भी यहां के हालात इसी तरह बिगड़े थे। मलेरिया से 200 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। खुद DG हेल्थ को यहां मौका मुआयना करने आना पड़ा था।
जिले में मलेरिया और फाल्सीपेरम मलेरिया के मरीजों का संख्या हर बार रिकार्ड तोड़ती है। साल 2018 में यहां यह वायरस फैला था और 200 से अधिक लोगों की मौत महीने भर में हुई थी। स्वास्थ्य विभाग ने अपने आंकड़ों में मौतों की संख्या 8 दिखाई, लेकिन लगातार मौतें होने के कारण उस वक्त सीएमओ नपे थे और DG हेल्थ को खुद यहां आना पड़ा था। मामला केंद्र सरकार तक पहुंचा और वहां के स्वास्थ्य मंत्रालय ने यहां के उन गांवों की सूची तलब की, जहां मलेरिया के मरीजों की मौत हुई थी। बाद में यहां DDT पाउडर के छिड़काव की विशेष अनुमति भी मिली थी। ताकि इस छिड़काव के बाद मच्छर न पनपें और वायरस न फैलने पाए। साल 2020 में देशभर में लगे लॉकडाउन के कारण स्वास्थ्य विभाग मलेरिया को भूलकर कोरोना संक्रमण पर काबू पाने में जुट गया, जबकि इससे अगले साल 2021 में भी यही स्थिति रही। खासियत यह रही कि इस दौर में लोग खुद सामाजिक दूरी का पालन बनाए रहे और जागरूकता के तहत मच्छरों पर भी खुद काबू पाया तो बीमारी नहीं फैली। इस बार सलारपुर ब्लॉक के शेरगंज गांव में 2 मरीज फाल्सीपेरम मलेरिया के निकले हैं। मलेरिया विभाग ने इसकी पुष्टि की और शासन को रिपोर्ट भेज दी। इनका इलाज किया तो दोनों मरीज बीमारी से उबर आए। इस बार जिले के 7 ब्लॉक स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग ने चिह्नित किए हैं। जिला मलेरिया अधिकारी योगेश सारस्वत ने बताया, इन ब्लॉकों के 170 गांवों में संक्रमण फैलता है। सभी गांवों के लिए अलग से टीमें गठित करने की प्रक्रिया चल रही है। ताकि नियमित चेकअप करके दवाएं वितरित की जाएं और जो भी रिपोर्ट आए, उससे शासन को अवगत कराया जाए। पिछले साल एक लाख 57 हजार लोगों की जांच रिकार्ड में की गई। जांच पूरे साल चली, जबकि इसमें तकरीबन 1,430 लोग मलेरिया तो 126 फाल्सीपेरम मलेरिया से ग्रसित निकले। सीएमओ डॉ. प्रवीन कुमार ने बताया, जांच टीमें अभी से जुटा दी जाएंगी। अस्पताल में बुखार के मरीज आ रहे हैं। उनका भी मलेरिया चेक कराया जाएगा। ताकि समय रहते वायरस पर काबू पाया जा सके।