महानदी में दो मासूमों को बचाने वाला युवक खुद डूबा, 15 घंटे बाद मिली लाश
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Navapara-Rajim. नवापारा-राजिम। महानदी में दो मासूम बच्चों की जान बचाने के प्रयास में डूबे युवक का शव करीब 15 घंटे बाद रविवार सुबह बरामद कर लिया गया। गोबरा नवापारा के नेहरू घाट के नीचे नदी में शव तैरता दिखाई देने के बाद स्थानीय लोगों ने उसे बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। मृतक की पहचान प्रदीप कश्यप (35 वर्ष), निवासी इंदिरा मार्केट नवापारा के रूप में हुई है। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रदीप कश्यप की बहादुरी की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना डूब रहे दो मासूम बच्चों को बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी थी। बच्चों की जान तो बच गई, लेकिन उन्हें बचाने वाला युवक खुद महानदी की तेज धाराओं में समा गया।
नेहरू घाट पर हुआ दर्दनाक हादसा
जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 3 बजे प्रदीप कश्यप अपनी पत्नी मंगला कश्यप और एक मासूम बच्चे के साथ महानदी के नेहरू घाट पर स्नान करने पहुंचे थे। इसी दौरान नदी में नहा रहे दो मासूम बच्चे अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। बच्चों को डूबता देख वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। बच्चों की जान बचाने के लिए प्रदीप कश्यप और एक अन्य युवक ने बिना देर किए नदी में छलांग लगा दी। दोनों युवकों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बच्चों को बचाने का प्रयास किया।
दूसरे युवक ने बचाए बच्चे, प्रदीप तेज बहाव में बहे
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दूसरे युवक ने किसी तरह दोनों बच्चों को सुरक्षित नदी से बाहर निकाल लिया। लेकिन इसी दौरान प्रदीप कश्यप नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गए। कुछ ही देर में वह गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते आंखों से ओझल हो गए। घटना के बाद उनकी पत्नी मंगला कश्यप बदहवास हो गईं और आसपास मौजूद लोगों से मदद की गुहार लगाने लगीं। घटना की जानकारी मिलते ही घाट पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए। स्थानीय युवकों ने भी अपने स्तर पर नदी में उतरकर प्रदीप की तलाश शुरू की, लेकिन देर तक उनका कोई पता नहीं चल सका।
एसडीआरएफ ने चलाया तीन घंटे तक रेस्क्यू अभियान
घटना की सूचना मिलने के बाद गोबरा नवापारा पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ टीम को सूचना दी। करीब शाम 4 बजे एसडीआरएफ की टीम विशेष उपकरणों, ऑक्सीजन मास्क और मोटर बोट के साथ नेहरू घाट पहुंची। इसके बाद नदी में सघन रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। गोताखोरों ने गहरे पानी में उतरकर तलाश की। वहीं मोटर बोट की मदद से नदी के बहाव वाले क्षेत्रों में भी खोजबीन की गई। करीब तीन घंटे तक लगातार अभियान चलाया गया, लेकिन शनिवार देर शाम तक प्रदीप का कोई सुराग नहीं मिल पाया। अंधेरा होने और नदी में तेज बहाव के कारण रेस्क्यू अभियान को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।
जनप्रतिनिधियों ने पहुंचकर परिवार को दी सांत्वना
घटना की जानकारी मिलते ही नगर पालिका अध्यक्ष ओम कुमारी साहू, पार्षद नम्मुनारायण ध्रुव और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रामा यादव सहित कई जनप्रतिनिधि नेहरू घाट पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सांत्वना दी और हरसंभव प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। इस दौरान पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक घटनास्थल पर मौजूद रहे।
सुबह नदी में मिला शव
रविवार सुबह स्थानीय लोगों ने शनि मंदिर के पीछे नेहरू घाट के नीचे नदी में एक शव तैरता हुआ देखा। इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची गोबरा नवापारा पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को बाहर निकलवाया। इसके बाद पहचान की प्रक्रिया पूरी की गई, जिसमें शव प्रदीप कश्यप का होना सामने आया। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
शहर में शोक की लहर, बहादुरी को किया जा रहा याद
प्रदीप कश्यप की मौत की खबर फैलते ही गोबरा नवापारा शहर में शोक की लहर दौड़ गई। लोग उनकी बहादुरी और साहस की प्रशंसा कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रदीप ने मानवता की मिसाल पेश की। उन्होंने अपने जीवन की चिंता किए बिना दो मासूम बच्चों को बचाने के लिए नदी में छलांग लगाई। इस हादसे ने एक ओर जहां पूरे क्षेत्र को दुखी कर दिया है, वहीं प्रदीप कश्यप का साहस लोगों के लिए प्रेरणा बन गया है। उनकी बहादुरी को शहरवासी लंबे समय तक याद रखेंगे।