Raipur. रायपुर। पुलिस ने फर्जी एमबीबीएस डिग्री पर मेडिकल प्रैक्टिस कर रहे युवक अंकित तिवारी को गिरफ्तार किया है। युवक दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में फर्जी डिग्री का उपयोग कर मरीजों का इलाज कर रहा था। सिविल लाइन थाना में इस संबंध में FIR दर्ज की गई है। पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ कि दिल्ली में स्थित गैंग दिल्ली से ही डी. वाई. पाटिल विद्यापीठ, पुणे की फर्जी MBBS डिग्री दिलाने का काम करता था। इस गैंग का सरगना साक्षी सिंह को पुलिस ने दो दिन की रिमांड पर लिया है ताकि मामले की गहन जांच की जा सके।
गैंग के अन्य चार आरोपी पहले ही रायपुर जेल में बंद हैं। इनमें भुनेश्वर बंजारे, नरेश मनहर, हीरा दिवाकर और राकेश रात्रे शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि इन आरोपियों के माध्यम से कई युवकों को फर्जी डिग्री दिलाई गई और वे विभिन्न स्थानों पर मेडिकल प्रैक्टिस कर रहे थे। पुलिस ने फर्जी डिग्री से संबंधित सभी दस्तावेज जब्त कर मामले की जांच तेज कर दी है। आरोपी अंकित तिवारी ने अपने जुर्म को स्वीकार किया है और पुलिस उसके अन्य सहयोगियों तक पहुँचने की कोशिश कर रही है। पुलिस का कहना है कि फर्जी डिग्री पर मेडिकल प्रैक्टिस करना गंभीर अपराध है और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सिविल लाइन थाना में दर्ज FIR में चिकित्सा क्षेत्र में धोखाधड़ी और सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरा पहुंचाने का आरोप शामिल है। इस मामले में आरटीआई और डिजिटल साक्ष्यों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि दिल्ली गैंग के सरगना और स्थानीय आरोपी मिलकर फर्जीवाड़ा करते थे। फर्जी डिग्री का उपयोग कर मरीजों को इलाज करने से स्वास्थ्य क्षेत्र में गंभीर संकट पैदा हो सकता था। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान और कई ऐसे मामले सामने आ सकते हैं, जिनमें फर्जी डिग्री पर मेडिकल प्रैक्टिस की गई। इस मामले की सुनवाई और आगे की कार्रवाई कोर्ट के निर्देशानुसार की जाएगी। यह कार्रवाई जिले में स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई है। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि वे ऐसे किसी भी फर्जी मेडिकल प्रैक्टिस की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।