Ambikapur. अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां दो युवकों का चाकू की नोक पर अपहरण कर उन्हें बंधक बनाया गया और बेरहमी से पिटाई की गई। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक पार्षद का बेटा और दो नाबालिग भी शामिल हैं। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। यह पूरा मामला मणिपुर थाना क्षेत्र का है। पीड़ित छात्र राहुल सोनवानी (22) और उसका साथी शुभम रवि हैं। जानकारी के अनुसार, 15 दिसंबर की रात करीब 9:30 बजे राहुल सोनवानी अपने दोस्तों के साथ मणिपुर बस स्टैंड पर खड़ा था। इसी दौरान पार्षद का बेटा और उसके साथी वहां पहुंचे।
आरोप है कि आपसी विवाद के चलते आरोपियों ने राहुल सोनवानी और शुभम रवि को चाकू की नोक पर जबरन उठाया और उनका अपहरण कर लिया। इसके बाद दोनों युवकों को सुनसान इलाके में झाड़ियों के पास ले जाया गया, जहां उनके साथ गाली-गलौच करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई और जमकर मारपीट की गई। पीड़ितों के अनुसार, आरोपियों ने मुक्कों, डंडों, ईंट-पत्थरों और चाकू से हमला किया। दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। किसी तरह जान बचाकर पीड़ितों ने घटना की सूचना थाना मणिपुर में दी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना मणिपुर और साइबर सेल अंबिकापुर की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और पीड़ितों से विस्तृत पूछताछ की। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस ने सभी संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने इस मामले में कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो आरोपी नाबालिग हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, जबकि नाबालिगों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों में पार्षद का बेटा विशाल साहू पिता सूर्य प्रकाश साहू (27), राजा साहू उर्फ संजय (32), उदय साहू (22), रोशन सोनी (22), आकाश यादव (20) और दो नाबालिग शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों की भूमिका अलग-अलग स्तर पर सामने आई है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि राजनीतिक रसूख रखने वाले लोगों के परिजन इस तरह कानून को हाथ में लेंगे, तो आम जनता की सुरक्षा पर बड़ा खतरा खड़ा हो जाएगा। वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून सबके लिए समान है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दोनों पीड़ितों का इलाज जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस का दावा है कि मामले में सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और आगे यदि कोई अन्य आरोपी सामने आता है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।