Khairagarh. खैरागढ़। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के थाना गातापार पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर बच्चों से संबंधित अश्लील वीडियो अपलोड करने के मामले में एक युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 67(B) के तहत कार्रवाई की है। यह कार्रवाई साइबर एनसीआरबी नई दिल्ली से प्राप्त टिप लाइन सूचना के आधार पर की गई।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार जिला केसीजी में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री अपलोड करने वालों के खिलाफ लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में साइबर एनसीआरबी से सूचना मिली थी कि इंस्टाग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बच्चों से संबंधित आपत्तिजनक वीडियो अपलोड किए जा रहे हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि थाना गातापार क्षेत्र के ग्राम लछना निवासी अश्वन धुर्वे, पिता मोहन धुर्वे, उम्र 26 वर्ष द्वारा अपने इंस्टाग्राम आईडी के माध्यम से बच्चों से संबंधित अश्लील वीडियो अपलोड किए गए थे। मामले की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना गातापार में अपराध क्रमांक 34/2026 दर्ज किया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67(B) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की। आरोपी को 25 मई 2026 को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के दौरान उसे गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी दी गई तथा उसके परिजनों को भी इसकी सूचना दी गई। इसके बाद आरोपी को माननीय न्यायालय खैरागढ़ के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री को सोशल मीडिया पर साझा करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिला पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी से करें और किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक या गैरकानूनी सामग्री साझा न करें। यदि किसी व्यक्ति को इस प्रकार की गतिविधियों की जानकारी मिलती है तो तत्काल पुलिस या साइबर सेल को सूचित करें। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई में थाना गातापार पुलिस तथा जिला केसीजी पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में साइबर अपराधों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि सोशल मीडिया के माध्यम से फैलाए जा रहे आपत्तिजनक कंटेंट पर रोक लगाई जा सके।