Durg. दुर्ग। विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में जिलेभर में कार्यशाला और जन-जागरूकता रैली निकाली गई। इस वर्ष का थीम “मलेरिया को समाप्त करने के लिए प्रेरित, अब हम कर सकते हैं, अब हमें करना ही होगा” रखा गया।
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मलेरिया रोग के कारण, लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विशेष रूप से मादा एनाफिलीस मच्छर से फैलने वाले मलेरिया के बारे में लोगों को जागरूक किया गया। साथ ही बताया गया कि मच्छरजनित रोगों से बचाव के लिए स्वच्छता और सतर्कता सबसे महत्वपूर्ण उपाय हैं। कार्यशाला में गर्भवती महिलाओं, बच्चों तथा मलेरिया के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों जैसे प्रवासी मजदूर और सीमावर्ती समुदायों को विशेष रूप से जागरूक करने पर जोर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि मादा एनाफिलीस मच्छर से मलेरिया, मादा क्यूलेक्स से हाथीपांव (फाइलेरिया) और मादा एडीज मच्छर से डेंगू जैसी बीमारियाँ फैलती हैं।
जागरूकता रैली के माध्यम से लोगों को संदेश दिया गया कि कूलर, गमले, टायर और अन्य स्थानों पर जमा पानी में मच्छरों के लार्वा पनपते हैं, जिन्हें रोकना आवश्यक है। इसके लिए टेमिफॉस और मेलाथियान जैसी कीटनाशक दवाओं के छिड़काव से लार्वा नष्ट करने के निर्देश दिए गए। कार्यक्रम में मितानिनों को नारा लेखन और ग्रामीण स्वास्थ्य समितियों को बैठकें आयोजित कर जागरूकता फैलाने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही लोगों से मच्छरदानी के उपयोग और आसपास स्वच्छता बनाए रखने की अपील की गई। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि मलेरिया उन्मूलन तभी संभव है जब समुदाय सक्रिय रूप से भागीदारी निभाए और स्वच्छता नियमों का पालन करे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने मलेरिया मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया।