पीएम श्रम-योगी मानधन एवं एनपीएस योजना से होगा श्रमिकों को लाभ

छग

Update: 2026-02-08 17:05 GMT
Sarangarh-Bilaigarh. सारंगढ़-बिलाईगढ़। भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा असंगठित श्रमिकों के लिए शुरू की गई ‘‘प्रधानमंत्री श्रम-योगी मानधन योजना’’ के तहत पंजीयन प्रक्रिया जारी है। योजना का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को वृद्धावस्था में न्यूनतम पेंशन सुनिश्चित करना है। योजना के तहत पंजीयन हेतु दो चरणों में विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। प्रथम चरण 15 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक शहरी क्षेत्रों में और द्वितीय चरण 16 फरवरी से 15 मार्च 2026 तक ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित किया जाएगा। इस शिविर में पात्र हितग्राही अपने आधार कार्ड, बचत बैंक खाता/जनधन खाता (आईएफएससी कोड सहित) लेकर नजदीकी पंजीयन केंद्र में उपस्थित होकर योजना में पंजीयन कर सकते हैं।

इस योजना में शामिल श्रमिकों की श्रेणियां व्यापक हैं। फेरी लगाने वाले (स्ट्रीट वेंडर), कचरा बिनने वाले, हमाल, रिक्शा चालक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, मितानिन, वनोपज श्रमिक, भूमिहीन श्रमिक, कृषि श्रमिक, मध्यान्ह भोजन रसोईया, चमड़ा उद्योग, हाथकरघा उद्योग, मनरेगा, बीड़ी उद्योग में कार्यरत श्रमिक और अन्य असंगठित श्रमिक पंजीयन के पात्र हैं। योजना में शामिल होने के लिए हितग्राही की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। साथ ही, लाभार्थी की मासिक आय 15,000 रुपये से कम होनी चाहिए और वह ईपीएफओ, ईएसआईसी, एनपीएस (सरकारी) सदस्य या आयकर दाता नहीं होना चाहिए।

पेंशन और योगदान विवरण
एनपीएस ट्रेडर्स योजना के तहत 18 से 40 वर्ष आयु के हितग्राही को 55 रुपये से 200 रुपये प्रतिमाह अंशदान करना होगा। इसके बराबर राशि भारत सरकार द्वारा योजना में योगदान के रूप में जमा की जाएगी। हितग्राही जब 60 वर्ष की आयु प्राप्त कर लेगा, तो उसे 3,000 रुपये मासिक न्यूनतम पेंशन प्राप्त होगी। यदि हितग्राही की मृत्यु हो जाती है, तो उनके उत्तराधिकारी को 50 प्रतिशत पेंशन मिलती है। इसके अलावा, यदि 60 वर्ष की आयु से पहले हितग्राही योजना से बाहर होना चाहते हैं, तो उनके खाते में जमा राशि ब्याज सहित एकमुश्त वापस कर दी जाएगी।

इस योजना के बारे में अधिक जानकारी या पंजीयन सहायता के लिए श्रम पदाधिकारी घनश्याम पाणिग्राही (8821025550) और श्रम कल्याण अधिकारी पितांबर साहू (6260377723) से संपर्क किया जा सकता है। प्रधानमंत्री श्रम-योगी मानधन योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण कदम है। इससे लाभार्थियों को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और उन्हें न्यूनतम पेंशन के माध्यम से जीवन यापन में सहूलियत होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि इस योजना के माध्यम से असंगठित श्रमिकों के कल्याण में व्यापक सुधार आएगा और उन्हें भविष्य में वित्तीय असुरक्षा से राहत मिलेगी।
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