Jashpur. जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में हाथी के हमले में एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। घटना कुनकुरी वन परिक्षेत्र के रांझाडांड इलाके की है। बताया जा रहा है कि तड़के करीब तीन बजे एक लोनर दंतैल हाथी ने महिला के घर पर हमला कर दिया। घर की दीवार टूटने की आवाज सुनकर परिवार के अन्य सदस्य पीछे के रास्ते से सुरक्षित निकल गए, लेकिन हड़बड़ी में भाग रही बुजुर्ग महिला हाथी के सामने पहुंच गई। हाथी ने महिला को सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मृतका की पहचान
कंचन बाई के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया की गई और मृतका के परिजनों को नियमानुसार तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराई गई है।
तड़के तीन बजे घर के पास पहुंचा हाथी
जानकारी के मुताबिक, कुनकुरी वन परिक्षेत्र के रांझाडांड और आसपास के इलाके में पिछले कुछ समय से एक लोनर हाथी विचरण कर रहा है। लोनर हाथी उस हाथी को कहा जाता है, जो अपने झुंड से अलग होकर अकेले घूम रहा हो। ग्रामीणों के अनुसार, तड़के करीब तीन बजे दंतैल हाथी कंचन बाई के घर के पास पहुंचा और मकान की दीवार को नुकसान पहुंचाने लगा। अचानक दीवार टूटने की आवाज से घर में सो रहे लोग घबरा गए। खतरा महसूस होने पर कंचन बाई की बेटी, दामाद और नाती घर के पीछे के दरवाजे से बाहर निकल गए। इसी दौरान बुजुर्ग कंचन बाई भी जान बचाने के लिए घर से निकलने की कोशिश करने लगीं।
भागते समय हाथी के सामने पहुंची महिला
बताया जा रहा है कि अंधेरा और अफरा-तफरी होने के कारण बुजुर्ग महिला भागते समय हाथी के सामने पहुंच गई। इससे पहले कि वह संभल पातीं, दंतैल हाथी ने उन पर हमला कर दिया। हाथी ने महिला को सूंड से पकड़कर जमीन पर पटक दिया। हमले में गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद हाथी वहां से निकलकर जंगल की ओर चला गया। घटना से मृतका के परिवार और गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों में क्षेत्र में घूम रहे दंतैल हाथी को लेकर डर भी बना हुआ है।
वन विभाग की टीम पहुंची
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। विभाग की टीम ने घटनास्थल का जायजा लिया और आगे की प्रक्रिया शुरू की। महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मृतका के परिवार को तत्काल सहायता राशि उपलब्ध करा दी गई है। इसके अलावा हाथी के हमले में हुई मौत के मामले में निर्धारित मुआवजे का प्रकरण तैयार किया जाएगा। प्रकरण को स्वीकृति के लिए शासन के पास भेजने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
हाथी प्रभावित इलाकों में शामिल जशपुर
ओडिशा और झारखंड की अंतरराज्यीय सीमा से लगे जशपुर जिले में मानव-हाथी संघर्ष लंबे समय से बड़ी चुनौती बना हुआ है। पड़ोसी राज्यों के जंगलों से भी हाथियों का जिले के अलग-अलग हिस्सों में आवागमन होता रहता है। जिले के आठ विकासखंडों में से छह क्षेत्र हाथियों से प्रभावित बताए जाते हैं। इनमें कुनकुरी क्षेत्र भी शामिल है। जंगलों से निकलकर हाथियों के आबादी वाले इलाकों के आसपास पहुंचने के कारण कई बार ग्रामीणों और हाथियों का आमना-सामना हो जाता है। हाथियों से होने वाले नुकसान और
मानव-हाथी संघर्ष
को कम करने के लिए पिछले वर्षों में वन विभाग की ओर से विभिन्न उपाय किए गए हैं। इनमें सोलर वायर फेंसिंग, रेडियो कॉलर और जीआई वायर फेंसिंग जैसी तकनीकों का प्रयोग शामिल है। इसके बावजूद हाथियों की आबादी वाले क्षेत्रों में संघर्ष की घटनाएं चुनौती बनी हुई हैं। रांझाडांड की घटना के बाद वन विभाग की टीम क्षेत्र में हाथी की गतिविधियों पर नजर रख रही है। ग्रामीणों के लिए भी जरूरी है कि हाथी की मौजूदगी की सूचना मिलने पर उसके पास जाने या उसे खदेड़ने की कोशिश न करें और वन विभाग द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
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