Korba. कोरबा। छत्तीसगढ़ के कटघोरा वनमंडल के पसान क्षेत्र अंतर्गत गोलाबाहरा गांव में रविवार देर शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ। खेत में आग ताप रही मां-बेटी पर अचानक जंगली हाथी ने हमला कर दिया, जिसमें 80 वर्षीय वृद्ध महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना ने गांव में लोगों के बीच डर और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। जानकारी के अनुसार मृतका इंद्रकुंवर अपनी बेटी के साथ घर से करीब 50 मीटर दूर स्थित खेत के खनियार में धान साफ कर रही थीं। ठंड से बचने के लिए दोनों आग ताप रही थीं। इसी दौरान जंगल से एक हाथी अचानक खेत में आ गया और उन पर टूट पड़ा। हाथी ने वृद्ध महिला इंद्रकुंवर को पीछे से घेरकर कुचल दिया, जबकि बेटी किसी तरह खतरा भांपकर घर की ओर भाग गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वन विभाग की टीम ने आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। हाथी की उपस्थिति को देखते हुए विभाग ने चेतावनी जारी की है कि ग्रामीण अकेले जंगल या खेत की ओर न जाएं और सतर्क रहें। वन विभाग ने बताया कि कटघोरा वनमंडल में जंगली हाथियों की संख्या बढ़ रही है और कई बार वे गांवों की ओर आकर किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा चुके हैं। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे खेतों में अकेले जाने से बचें और किसी भी हाथी के दृष्टिगोचर होने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह क्षेत्र हाथियों के आवास के पास स्थित है और हाथियों के अचानक हमले की घटनाएं पहले भी हुई हैं। इस हादसे ने ग्रामीणों में डर का माहौल बना दिया है।
लोग अपने बच्चों और बुजुर्गों को अकेले जंगल या खेत न भेजने की चेतावनी दे रहे हैं। एसडीओपी कटघोरा ने बताया कि पुलिस और वन विभाग की टीम मिलकर लगातार निगरानी कर रही है। आसपास के खेतों और रास्तों में पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है ताकि किसी और अप्रिय घटना को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत अधिकारियों को सूचित करें। घटना के बाद प्रशासन और वन विभाग ने गांव में लोगों को हाथियों से सुरक्षित रहने के उपायों के बारे में जानकारी दी। ग्रामीणों से अपील की गई कि वे अपने घरों के आसपास फसल के क्षेत्र और रास्तों में विशेष ध्यान रखें। इस हादसे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वन और गांव के बीच लगातार बढ़ते संपर्क से कभी-कभी जानलेवा घटनाएं हो सकती हैं। प्रशासन और वन विभाग ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए सतर्क हैं और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए विशेष रणनीति तैयार कर रहे हैं।