Bemetara/Saja. बेमेतरा/साजा। जिले के साजा थाना क्षेत्र के ग्राम बोरतरा में लावारिश कुत्ते को भगाने की बात को गलत तरीके से समझने और पुरानी रंजिश के चलते हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। चार आरोपियों ने एक राय होकर एक ग्रामीण पर डंडे और पत्थर से हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल ग्रामीण की इलाज के दौरान मौत हो गई। मामले में साजा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, प्रार्थिया ललिता प्रजापति पति ओमप्रकाश प्रजापति उम्र 40 वर्ष, निवासी बोरतरा ने थाना साजा में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक 6 अगस्त 2026 की सुबह करीब 9:30 बजे ललिता अपने पति ओमप्रकाश प्रजापति के साथ खेत में काम करने जा रही थीं। दोनों घर से कुछ दूरी पर पहुंचे थे। इसी दौरान एक लावारिश कुत्ता उनके पीछे आने लगा। ओमप्रकाश ने कुत्ते को भगाने के लिए उसे भगाने की बात कही।
इसी दौरान वहां मौजूद गांव के शिव श्रीवास, सोमनाथ श्रीवास, दीपक श्रीवास और रोशन श्रीवास ने ओमप्रकाश की बात को गलत तरीके से समझ लिया। आरोपियों ने कथित तौर पर यह कहते हुए विवाद शुरू कर दिया कि उन्हें गाली दी जा रही है। पुलिस के मुताबिक, इसी बात को लेकर चारों आरोपियों ने एक राय होकर ओमप्रकाश के साथ विवाद किया और जान से मारने की बात कहते हुए उसके ऊपर हमला कर दिया। आरोपियों ने आसपास पड़े डंडे और पत्थर उठा लिए और ओमप्रकाश पर ताबड़तोड़ वार किए। हमले में ओमप्रकाश के सिर और पसलियों समेत शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। जब उनकी पत्नी ललिता ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो उन्हें भी चोट लगी। हमले के बाद ओमप्रकाश जमीन पर गिर गए।
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने तत्काल डायल 112 और 108 एंबुलेंस को सूचना दी। घायल ओमप्रकाश को 108 एंबुलेंस के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साजा ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल बेमेतरा रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने उनका उपचार किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनकी मृत्यु हो गई। मृतक की पत्नी की रिपोर्ट पर साजा थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक श्री त्रिलोक बंसाल के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. हरीश यादव के मार्गदर्शन में एसडीओपी बेरला श्रीमती रूचि वर्मा और थाना प्रभारी साजा निरीक्षक जनक साहू पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। मामले में फोरेंसिक एक्सपर्ट टीम की भी मदद ली गई और घटना से जुड़े साक्ष्यों को जुटाया गया। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी शिव श्रीवास, सोमनाथ श्रीवास, दीपक श्रीवास और रोशन श्रीवास को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने घटना में शामिल होना स्वीकार किया। जांच में यह भी सामने आया कि दोनों परिवारों के बीच पहले से आपसी रंजिश और मनमुटाव चल रहा था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किए गए डंडे, पत्थर और अन्य साक्ष्य जब्त किए।
पुलिस ने मामले में आरोपी शिवकुमार श्रीवास पिता स्व. बाबूलाल श्रीवास उम्र 55 वर्ष, रोशन श्रीवास पिता शिवकुमार श्रीवास उम्र 27 वर्ष, दीपक श्रीवास पिता शिवकुमार श्रीवास उम्र 25 वर्ष और सोमनाथ उर्फ छोटू श्रीवास पिता शिवकुमार श्रीवास उम्र 23 वर्ष, सभी निवासी बोरतरा, थाना साजा, जिला बेमेतरा को 7 अगस्त 2026 को विधिवत गिरफ्तार किया। इसके बाद सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी साजा निरीक्षक जनक साहू, उप निरीक्षक अलील चंद, असीम कीर्तनिया, प्रधान आरक्षक दुर्गेश तिवारी, पवन राजपूत, फागेश्वर देशमुख, आरक्षक अर्जुन ध्रुर्वे, गोकुल सोनी, राजू यादव, पीयुष सिंह, मुकेश पाल, दीनदयाल डहरिया, हरीश यादव, हुंकार टण्डन सहित थाना साजा पुलिस स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा।