मुर्गा पार्टी पर हंगामा: मंडी सचिव पर सरकारी दफ्तर में नियम तोड़कर जश्न मनाने का आरोप
छग
Balod. बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में नौकरशाही की ठाठ-बाट का अजीब नजारा देखने को मिला है। यहां एक अफसर ने सिविल सेवा आचरण नियमों को ताक पर रखकर सरकारी दफ्तर को ही जश्न का अड्डा बना डाला। बताया जा रहा है कि कार्यालयीन समय में ही मंडी सचिव ने प्रमोशन मिलने की खुशी में अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ मुर्गा पार्टी रखी। इस घटना का वीडियो और जानकारी सामने आने के बाद जिलेभर में चर्चा शुरू हो गई है।
मामला जिला मुख्यालय बालोद के गंजपारा स्थित कृषि उपज मंडी कार्यालय का है। बुधवार को यहां मंडी सचिव संजीव वाहिले के प्रमोशन की खुशी में कार्यालय परिसर के भीतर ही कर्मचारियों द्वारा भोजन बनाया जा रहा था। सूत्रों के अनुसार, इस भोजन में मुर्गा (चिकन) की विशेष दावत भी शामिल थी। बताया गया है कि मंडी के कई कर्मचारी कार्यालय समय में ही दफ्तर के प्रांगण में खाना बनाते और जश्न मनाते नजर आए।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, दावत की तैयारियां सुबह से ही शुरू कर दी गई थीं। कार्यालय के खुले परिसर में गैस सिलेंडर रखकर पकवान बनाए गए। बताया जा रहा है कि यह पार्टी सचिव संजीव वाहिले के पदोन्नति मिलने पर आयोजित की गई थी। दावत में शामिल कर्मचारियों ने भी इस आयोजन की पुष्टि की है, हालांकि वे कैमरे पर कुछ भी बोलने से बचते रहे।
मामले पर जब मंडी सचिव संजीव वाहिले से मीडिया ने सवाल किया तो उन्होंने इस तरह की किसी भी पार्टी से इनकार कर दिया। वाहिले ने कहा, “मैं मीटिंग में गया था, मुझे इस बात की जानकारी नहीं है कि कार्यालय में क्या हुआ।” वहीं कर्मचारियों का कहना है कि यह आयोजन सचिव के ही आदेश पर हुआ था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी दफ्तर में इस तरह का निजी जश्न सरकारी सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन है। नियमों के अनुसार, सरकारी परिसर का उपयोग किसी भी निजी या भोज आयोजन के लिए नहीं किया जा सकता। लोगों ने प्रशासन से इसकी जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल, जिला प्रशासन ने इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। लेकिन मंडी परिसर में सरकारी समय में दावत होने की खबर से पूरे बालोद जिले में चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जब आम जनता अपनी शिकायत लेकर सरकारी दफ्तर पहुंचती है, तो अधिकारी नहीं मिलते, लेकिन दावत के वक्त पूरा दफ्तर मौजूद रहता है।