New Delhi/Raipur. नई दिल्ली/रायपुर। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली में केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों की अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी भी शामिल हुए और उन्होंने राज्य के विकास संबंधी हितों, योजनाओं और बजटीय अपेक्षाओं को मजबूती से प्रस्तुत किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय स्थापित करना और एक समावेशी, विकासोन्मुख तथा जनकल्याणकारी बजट का निर्माण करना था। इसमें राज्यों की आर्थिक प्राथमिकताओं, आगामी वित्तीय चुनौतियों और विकास परियोजनाओं की आवश्यकताओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बैठक में छत्तीसगढ़ के प्रमुख विकास क्षेत्रों पर जोर दिया। उन्होंने राज्य में शैक्षणिक, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और ग्रामीण विकास परियोजनाओं के लिए पर्याप्त वित्तीय आवंटन की मांग उठाई। इसके अलावा, उन्होंने केंद्र से बजट में विभिन्न योजना निधियों के समय पर प्रवाह और उनके कुशल उपयोग पर भी चर्चा की। बैठक में वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामले विभाग के सचिव, केंद्रीय सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक में राज्यों को आर्थिक नीतियों, बजटीय प्रावधानों और निवेश संबंधी अवसरों पर जानकारी दी गई और राज्यों से इनपुट व सुझाव मांगे गए। यह पहल वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट को अधिक प्रभावी और सभी राज्यों के विकास हितों के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से की गई।
ओपी चौधरी ने विशेष रूप से यह बात रखी कि छत्तीसगढ़ में कृषि, ग्रामीण रोजगार, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में अतिरिक्त निवेश से राज्य का समग्र विकास और रोजगार सृजन सुनिश्चित होगा। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि बजट में राज्यों के लिए लचीलापन रखा जाए, ताकि स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार धन का प्रावधान किया जा सके। बैठक के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने राज्यों से उनके वार्षिक बजट, राजकोषीय स्थिति और विकास प्राथमिकताओं के संबंध में व्यापक जानकारी साझा करने का अनुरोध किया। यह कदम राज्यों की आवश्यकताओं को सीधे केंद्रीय बजट में परिलक्षित करने में सहायक माना जा रहा है।
इस बैठक के माध्यम से राज्य और केंद्र के बीच वित्तीय और नीति समन्वय को और अधिक मजबूती मिली। राज्यों ने भी केंद्र को अपने आर्थिक सुझाव और विकास संबंधी आवश्यकताएँ प्रस्तुत कीं, जिससे केंद्रीय बजट को प्रभावी और समावेशी बनाने में मदद मिलेगी। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बैठक के समापन पर कहा कि छत्तीसगढ़ की आर्थिक योजनाओं और विकास परियोजनाओं को केंद्रीय बजट में शामिल कराने के लिए यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी बजट 2026-27 में राज्य के विकास और जनता कल्याण से जुड़े मुद्दों को पर्याप्त महत्व दिया जाएगा।