पीएम आवास दिलाने के नाम पर दो महिलाओं से ठगी, आरोपी महिला के खिलाफ केस दर्ज
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Bilaspur. बिलासपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) का नाम लेकर शहर की दो महिलाओं से लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी महिला ने खुद को नगर निगम से जुड़ा बताते हुए पीड़ित महिलाओं को योजना के तहत मकान दिलाने का झांसा दिया। इस दौरान उसने नगर निगम की फर्जी रसीद बनाकर उनसे कुल 3.40 लाख रुपये ऐंठ लिए। मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित महिलाएं नगर निगम पहुंचीं और दस्तावेजों की जांच कराई। ठगी की शिकायत मिलते ही नगर निगम अधिकारियों ने सरकंडा थाना पुलिस को सूचना दी और आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई।
फर्जीवाड़े का तरीका
जानकारी के मुताबिक, आरोपी महिला सपना सराफ ने पीएम आवास योजना का लाभ दिलाने का लालच देकर दो महिलाओं से संपर्क साधा। उसने भरोसा दिलाया कि पैसे देने पर नगर निगम से मंजूरी मिल जाएगी और योजना का लाभ तुरंत मिल जाएगा। इस दौरान महिलाओं को विश्वास दिलाने के लिए उसने नगर निगम की सील और हस्ताक्षर वाली फर्जी रसीद भी थमा दी। महिलाओं ने योजना का लाभ मिलने की उम्मीद में रकम चुका दी।
पीड़ित महिलाओं को हुआ संदेह
रकम लेने के बाद आरोपी सपना सराफ लगातार उन्हें टालती रही। कई बार नगर निगम जाने के बावजूद जब कोई दस्तावेज या आवास स्वीकृति नहीं मिली, तब दोनों महिलाओं को ठगी की आशंका हुई। उन्होंने सीधे नगर निगम कार्यालय जाकर अपने दस्तावेज की जांच कराई। यहां खुलासा हुआ कि उनके नाम से किसी भी प्रकार का आवास स्वीकृत नहीं हुआ है और जो रसीद उन्हें दी गई है, वह पूरी तरह फर्जी है।
नगर निगम ने दर्ज कराई FIR
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम के अधिकारियों ने तुरंत सरकंडा थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर पुलिस ने आरोपी सपना सराफ के खिलाफ धोखाधड़ी और ठगी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस कर रही जांच
सरकंडा थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी महिला सपना सराफ के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। ठगी की गई रकम और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस महिला ने और भी लोगों से इस तरह ठगी की है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा।
योजनाओं के नाम पर बढ़ रहे ठगी के मामले
गौरतलब है कि पीएम आवास योजना सहित कई सरकारी योजनाओं के नाम पर लगातार ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। गरीब और जरूरतमंद परिवार जल्दी लाभ पाने की उम्मीद में ठगों के झांसे में आ जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी योजनाओं की जानकारी सीधे नगर निगम या संबंधित विभाग से लेनी चाहिए और किसी भी एजेंट या निजी व्यक्ति को पैसा नहीं देना चाहिए। इस मामले में नगर निगम ने भी साफ किया है कि योजना से जुड़े किसी भी प्रकार की फीस या राशि सीधे ऑनलाइन पोर्टल या अधिकृत प्रक्रिया के माध्यम से जमा होती है। किसी भी व्यक्ति या एजेंट के पास राशि देने का प्रावधान नहीं है। इस पूरे मामले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि योजनाओं का लालच देकर ठग गिरोह सक्रिय हैं और आम नागरिकों को सावधानी बरतनी जरूरी है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।