Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के न्यू राजेन्द्र नगर थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म कर गर्भवती करने, फर्जी दस्तावेजों के जरिए प्रसव कराने और नवजात शिशु की अवैध बिक्री के गंभीर मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने नवजात शिशु को भी सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में अब तक कुल 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस के अनुसार थाना न्यू राजेन्द्र नगर में दर्ज अपराध क्रमांक 289/2026 के तहत यह कार्रवाई की गई है। मामले में आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 64(2)(एफ), 65, 336, 337, 61(2), 351(2), 115(2), 89, 3(5) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4(2), 5(एन), 6 और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 81 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में न्यू राजेन्द्र नगर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज की थी। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने पहले ही 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की थी। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और विवेचना के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं। जांच में पता चला कि आरोपियों ने पीड़िता के नवजात शिशु को अवैध तरीके से पखांजूर, जिला कांकेर निवासी सुब्रत बिश्वास के पास बेच दिया था। वहीं, पीड़िता की वास्तविक उम्र छिपाकर उसे बालिग दिखाने के उद्देश्य से फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि रायपुर के कोतवाली क्षेत्र निवासी पूनम सागरिया ने मोबाइल फोन के माध्यम से पीड़िता का फर्जी आधार कार्ड तैयार किया था। इस फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल पीड़िता की उम्र अधिक दर्शाने के लिए किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम लगातार अन्य आरोपियों की तलाश कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर से मिली पुख्ता जानकारी के आधार पर सुब्रत बिश्वास और पूनम सागरिया के संबंध में जानकारी मिली। पुलिस टीम ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान सुब्रत बिश्वास ने नवजात शिशु को खरीदने की बात स्वीकार की, जबकि पूनम सागरिया ने मोबाइल फोन के माध्यम से पीड़िता का फर्जी आधार कार्ड तैयार करने की बात कबूल की। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने आरोपी सुब्रत बिश्वास के कब्जे से नवजात शिशु को सुरक्षित बरामद कर लिया है। बच्चे की सुरक्षा और बेहतर देखभाल को ध्यान में रखते हुए उसे रायपुर स्थित मातृछाया संस्था में सुरक्षित रखा गया है। पुलिस और संबंधित विभाग द्वारा बच्चे की देखरेख की व्यवस्था की जा रही है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। प्रारंभिक जांच में इन मोबाइल फोन का उपयोग मामले से जुड़ी गतिविधियों में किया जाना पाया गया है। पुलिस मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस टीम द्वारा सभी संदिग्धों की जानकारी जुटाई जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तार आरोपियों में सुब्रत बिश्वास (32 वर्ष), निवासी पीबी-34 प्रेम नगर कापसी, थाना पखांजूर, जिला कांकेर और पूनम सागरिया, निवासी एसबीआई एटीएम के पास, प्रकाश किराना दुकान के सामने, कालीबाड़ी, थाना सिटी कोतवाली, जिला रायपुर शामिल हैं। इस कार्रवाई में न्यू राजेन्द्र नगर थाना पुलिस की सक्रियता और तकनीकी जांच की अहम भूमिका रही। पुलिस ने मामले को संवेदनशील मानते हुए तेजी से जांच पूरी करने और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।
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