रायपुर से गायब दो नाबालिग बच्चे पुरी में सुरक्षित बरामद

छग

Update: 2025-09-14 13:56 GMT
Raipur. रायपुर। दलदल सिवनी स्थित रजवाड़ा सिटी सोसाइटी से गायब हुए दो नाबालिग बच्चों को उड़ीसा के पुरी से सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। पुलिस और परिजनों द्वारा सोशल मीडिया, रेलवे पुलिस तथा पड़ोसी राज्यों की पुलिस से संपर्क कर तलाश किए जाने के बाद बच्चों की जानकारी मिली। उड़ीसा पुलिस ने दोनों बच्चों को पुरी में सुरक्षित पाया और उन्हें परिजनों के हवाले कर दिया। रायपुर पुलिस के साथ परिजन बच्चों को लेकर लौट चुके हैं।

गायब बच्चों की पहचान वंश वर्मा और सूर्या वर्मा के रूप में हुई है। दोनों की उम्र क्रमशः 11 और 12 वर्ष बताई जा रही है। ये बच्चे सावित्रीबाई फुले स्कूल में कक्षा 7वीं के छात्र हैं। जानकारी के अनुसार, वे स्कूल से वापस लौटे और रजवाड़ा सिटी सोसाइटी में खेलते समय अचानक गायब हो गए। जब उनके न मिलने की सूचना परिजनों को मिली तो पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। बच्चों की तलाश शुरू की गई। सोसाइटी के बाहर उनकी साइकलें खड़ी मिलीं, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि वे किसी के साथ बाहर गए होंगे।

परिजनों ने तत्काल विधानसभा थाना पहुंचकर बच्चों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें साझा कीं और पड़ोसी राज्यों, विशेषकर रेलवे पुलिस से संपर्क कर खोजबीन शुरू कर दी। कुछ ही समय में उड़ीसा पुलिस से सूचना मिली कि बच्चों को पुरी में सुरक्षित पाया गया है। दोनों बच्चों को पुलिस ने आवश्यक प्रक्रिया के बाद परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने राहत की साँस ली और रायपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। बच्चों से पूछताछ में बताया गया कि वे दोस्त हैं और खेलते-खेलते कहीं निकल गए थे। फिलहाल बच्चों को उनके परिजनों के साथ रायपुर लाया गया है।

जहां आवश्यक परामर्श और सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इस घटना ने सोसाइटी के अन्य परिवारों को भी सतर्क किया है। प्रशासन ने बच्चों के सुरक्षित रहने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की बात कही है। साथ ही, अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बच्चों पर ध्यान दें और बाहर खेलने जाने पर उनकी निगरानी करें। रायपुर पुलिस, स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया के सहयोग से यह मामला सकारात्मक रूप से सुलझा, जिससे परिजनों में खुशी का माहौल है। बच्चों की सुरक्षित वापसी ने पूरे क्षेत्र में राहत की भावना पैदा की है। पुलिस अब बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य की सुरक्षा को लेकर भी आवश्यक कदम उठा रही है।
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