रायपुर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर यातायात पुलिस सख्त

छग

Update: 2026-07-17 14:20 GMT
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर यातायात पुलिस ने सख्त कदम उठाते हुए विशेष जांच अभियान चलाया। बिना समुचित सुरक्षा उपायों के बच्चों का परिवहन करने वाले ई-रिक्शा, ऑटो और वैन की औचक जांच की गई। पुलिस उपायुक्त (यातायात) डॉक्टर अर्चना झा के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने शहर के अलग-अलग स्कूलों के बाहर पहुंचकर स्कूली वाहनों की जांच की और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की।
यातायात पुलिस द्वारा चलाए गए इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना और लापरवाही बरतने वाले वाहन चालकों पर नियंत्रण रखना था। जांच के दौरान पुलिस टीम ने यह देखा कि कई वाहन चालक निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर स्कूल पहुंचा रहे हैं, जिससे कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है।
अभियान के तहत यातायात पुलिस की विशेष टीम ने शहर के प्रमुख विद्यालयों के बाहर पहुंचकर स्कूली वाहनों की जांच की। इसमें सेंट जेवियर स्कूल, रेयान इंटरनेशनल स्कूल, होली क्रॉस स्कूल कांपा, बालाजी विद्यामंदिर देवेन्द्र नगर, कृष्णा पब्लिक स्कूल कमल विहार, होली हार्ट स्कूल सिविल लाइंस और प्रणवानंद अकादमी वीआईपी रोड सहित अन्य स्कूलों के आसपास संचालित ई-रिक्शा, ऑटो और वैन की जांच की गई।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने वाहन चालकों से वाहन के दस्तावेज, फिटनेस, क्षमता और सुरक्षा मानकों की जानकारी ली। कई वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर परिवहन करते हुए पाया गया। ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करते हुए 35 ऑटो चालकों पर मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के तहत चालानी कार्रवाई की गई।
यातायात पुलिस ने कार्रवाई के साथ-साथ वाहन चालकों को समझाइश भी दी कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। वाहन चालक निर्धारित संख्या में ही बच्चों को बैठाएं, वाहन की क्षमता का पालन करें और सभी आवश्यक सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए वाहन चलाएं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कई बार जल्दबाजी और अधिक कमाई के लालच में वाहन चालक क्षमता से ज्यादा बच्चों को बैठा लेते हैं, जिससे बच्चों की जान खतरे में पड़ सकती है। ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अभियान के दौरान पुलिस ने बच्चों के अभिभावकों और पालकों को भी जागरूक किया। उन्हें सलाह दी गई कि वे अपने बच्चों को ऐसे वाहनों में न भेजें जिनमें क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया जाता हो या जिनमें सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा हो। पुलिस ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि अभिभावकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। यातायात पुलिस रायपुर ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि कोई वाहन चालक बिना आवश्यक सुरक्षा उपायों के या निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों का परिवहन करते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा।
पुलिस उपायुक्त (यातायात) डॉक्टर अर्चना झा ने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी स्कूल संचालकों, वाहन संचालकों और अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों के सुरक्षित आवागमन के लिए निर्धारित मानकों और यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करें। उन्होंने कहा कि यातायात पुलिस द्वारा समय-समय पर इस तरह के विशेष जांच अभियान चलाए जाते रहेंगे ताकि स्कूली बच्चों को सुरक्षित परिवहन सुविधा मिल सके और सड़क दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके।
यातायात पुलिस ने वाहन चालकों और स्कूल संचालकों के लिए कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। इनमें वाहन की फिटनेस और आवश्यक दस्तावेज हमेशा अपडेट रखना, निर्धारित क्षमता के अनुसार बच्चों को बैठाना, बच्चों को सुरक्षित तरीके से वाहन में बैठाकर ही वाहन चलाना और यातायात नियमों का पालन करना शामिल है। रायपुर यातायात पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई वाहन चालक स्कूली बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करता दिखाई दे तो इसकी सूचना पुलिस को दें। बच्चों की सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है।
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