Raipur. रायपुर। आरंग थाना क्षेत्र में शिक्षक शिवकुमार चंद्राकर की हत्या के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक हत्या के पीछे करीब 30 लाख रुपए की उधारी और तीन महीने से ब्याज नहीं मिलने को लेकर चल रहा विवाद था। मामले में मृतक के साथ काम करने वाले शिक्षक चंद्रप्रकाश वर्मा को गिरफ्तार किया गया है। जांच में स्कूल के सीसीटीवी फुटेज के साथ शिक्षा विभाग के VSK ऐप की लॉग रिपोर्ट महत्वपूर्ण सुराग बनी। आरंग थाने में अपराध क्रमांक 443/2026 के तहत
बीएनएस की धारा
103(1) में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, 17 सितंबर को ग्राम बनचरौदा के पास एक व्यक्ति का शव मिलने की सूचना मिली थी। मृतक के सिर और चेहरे पर गंभीर चोट के निशान थे। उसकी पहचान 46 वर्षीय शिवकुमार चंद्राकर, निवासी ग्राम रामपुर डंगनिया, थाना गोबरा नवापारा के रूप में हुई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वाड और साइबर टीम की मदद से घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया गया और मामले की जांच शुरू की गई।

VSK ऐप की लॉग रिपोर्ट से मिला सुराग
जांच में सामने आया कि मृतक शिवकुमार चंद्राकर और संदेही चंद्रप्रकाश वर्मा दोनों ग्राम कुम्हारी के स्कूल में शिक्षक थे। पुलिस के मुताबिक स्थानीय चरवाहे और ग्रामीणों ने मृतक को आखिरी बार चंद्रप्रकाश के साथ सफेद स्कूटी पर बनचरौदा की ओर जाते देखने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने स्कूल के सीसीटीवी फुटेज और शिक्षा विभाग के VSK ऐप की लॉग रिपोर्ट की जांच की। पुलिस का दावा है कि 17 सितंबर को सुबह करीब 9:35 बजे चंद्रप्रकाश स्कूल पहुंचा था। इसके बाद निजी काम का हवाला देकर स्कूल से बाहर निकल गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी दोपहर करीब 12:50 बजे स्कूल वापस आया। उसने अपने मोबाइल के बजाय एक साथी शिक्षक के मोबाइल से VSK ऐप में उपस्थिति दर्ज कराई। यह जानकारी ऐप की लॉग रिपोर्ट में सामने आई और जांच की दिशा आरोपी की ओर मुड़ गई।

30 लाख की उधारी और ब्याज को लेकर विवाद
पुलिस ने 18 सितंबर को चंद्रप्रकाश वर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में उसने हत्या करना स्वीकार किया। आरोपी ने बताया कि वह और शिवकुमार करीब चार साल से एक-दूसरे को जानते थे। दोनों के बीच रेत, रियल एस्टेट और बुलियन मार्केट में निवेश एवं ट्रेडिंग से संबंधित आर्थिक लेन-देन था। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने शिवकुमार को करीब 30 लाख रुपए उधार देने और बदले में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के तीन ब्लैंक चेक लेने की बात कही है। आरोपी का दावा है कि वह इस रकम पर हर महीने ब्याज लेता था, लेकिन पिछले तीन महीने से उसे ब्याज नहीं मिला था। इसी को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था।

सुनसान इलाके में ले जाकर हत्या का आरोप
पुलिस के अनुसार, 17 सितंबर की सुबह करीब 10 बजे दोनों की मुलाकात कुम्हारी स्कूल के बाहर पटवारी कार्यालय के पास हुई। पैसे और ब्याज को लेकर विवाद करते हुए दोनों बनचरौदा के सुनसान इलाके में पहुंच गए। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर चंद्रप्रकाश ने स्कूटी में पहले से रखे धारदार हथियार से शिवकुमार के सिर के पीछे हमला किया। उसके गिरने के बाद हथौड़े से सिर और चेहरे पर कई वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई।

हथियार और ब्लैंक चेक जब्त
पुलिस ने आरोपी के कथित मेमोरेंडम कथन के आधार पर घटना में इस्तेमाल सफेद स्कूटी, धारदार हथियार, हथौड़ा और मृतक द्वारा दिए गए तीन ब्लैंक चेक जब्त करने की जानकारी दी है। इसके अलावा मृतक का पर्स, दोनों के मोबाइल और आरोपी के कथित खून से सने जूते, मोजे एवं कपड़े भी जब्त किए गए हैं। पुलिस ने आरोपी चंद्रप्रकाश वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायिक रिमांड पर भेजने की कार्रवाई की जा रही है। मामले में जब्त सामग्री की फॉरेंसिक जांच सहित आगे की विवेचना जारी है।
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