Sarangarh-Bilaigarh. सारंगढ़-बिलाईगढ़। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य पूरे प्रदेश में सुचारु रूप से जारी है। इसी क्रम में सेवा सहकारी समिति कोसीर के उप-धान खरीदी केंद्र रक्शा में टोकन वितरण और धान खरीदी व्यवस्था को लेकर किसानों में संतोष का माहौल देखने को मिल रहा है। केंद्र में पहुंचे किसानों ने बताया कि टोकन कटवाने में उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या नहीं आ रही है और पूरे सिस्टम को सरल और पारदर्शी तरीके से संचालित किया जा रहा है।
धान खरीदी केंद्र
रक्शा में कुल 848 किसान पंजीकृत हैं, जिनमें से 200 किसानों ने 6 दिसंबर तक कुल 7215 क्विंटल धान विक्रय कर लिया है। इसके अलावा अगले दिनों में धान बेचने के लिए 169 किसानों ने अपना टोकन कटवा लिया है।

आंकड़ों से स्पष्ट है कि खरीदी प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है और किसानों की सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक व्यवस्था कारगर साबित हो रही है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा धान खरीदी की पारदर्शिता और सुगमता बढ़ाने के लिए विशेष पहल करते हुए “टोकन तुहर हाथ” नामक ऑनलाइन ऐप शुरू किया गया है। इस ऐप के माध्यम से किसान अपने मोबाइल पर ही टोकन प्राप्त कर सकते हैं, जिससे समय और संसाधनों की बचत होती है। साथ ही, जो किसान ऐप का उपयोग नहीं कर पाते, उनके लिए समिति केंद्र में ही ऑफलाइन टोकन कटवाने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इससे सभी वर्गों के किसानों तक सुविधा पहुंच रही है। किसान रामेश्वर साहू ने बताया कि उनका टोकन बिना किसी परेशानी के आसानी से कट गया।

उन्होंने कहा कि नए सिस्टम से लाइन में लगने की परेशानी भी कम हुई है और खरीदी केंद्र में भीड़-भाड़ नहीं के बराबर रहती है। इसी तरह किसान योगेश लहरे ने भी कहा कि टोकन कटवाने में उन्हें बिल्कुल भी दिक्कत नहीं आई और प्रक्रिया बेहद सहज है। दोनों किसानों ने शासन और प्रशासन की नई व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि इससे समय पर धान विक्रय करने में उन्हें आसानी हो रही है। धान खरीदी प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे के निर्देशानुसार जिला प्रशासन ने सभी धान खरीदी केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। इनमें पेयजल की व्यवस्था, बिजली आपूर्ति, किसानों के बैठने की जगह, टोकन सत्यापन काउंटर, तौल प्रणाली तथा सुरक्षा सहित अन्य व्यवस्थाएं शामिल हैं। इन सभी व्यवस्थाओं का सकारात्मक असर किसानों के व्यवहार और संतुष्टि में देखने को मिल रहा है।

केंद्र में पहुंचने वाले कई किसानों ने बताया कि इस बार धान खरीदी व्यवस्था बेहतर और अधिक सुचारु है। टोकन मिलने से लेकर तुलाई और भुगतान तक की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी हुई है। प्रशासन द्वारा समय-समय पर निरीक्षण कर व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है ताकि किसी भी किसान को समस्या न हो। ध्यान देने योग्य है कि धान खरीदी छत्तीसगढ़ सरकार की सबसे बड़ी वार्षिक आर्थिक गतिविधि है, जिसमें करोड़ों क्विंटल धान खरीदा जाता है। इस प्रक्रिया का सीधा लाभ किसानों की आय में वृद्धि के रूप में देखने को मिलता है। ऐसे में रक्शा जैसे केंद्रों पर सुचारु तरीके से टोकन कटना, किसानों के लिए सकारात्मक संकेत है और जिले की समग्र खरीदी व्यवस्था की सफलता को दर्शाता है। किसानों की संतुष्टि और प्रशासन की मुस्तैदी से यह स्पष्ट है कि इस वर्ष धान खरीदी कार्य और भी सुचारु, पारदर्शी और सुविधाजनक तरीके से आगे बढ़ रहा है।
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