रायपुर। आज के दौर में जहां अधिकांश किशोर मोबाइल और स्क्रीन की दुनिया में गुम हैं वहीं छत्तीसगढ़ के साढ़े 13 वर्षीय आरव राज ने अपने जुनून, परिश्रम और अनुशासन से ऐसा कीर्तिमान रचा है जो हर युवा को प्रेरित कर सकता है। कम उम्र में क्रिकेट के मैदान में उनकी उपलब्धि न सिर्फ चौंकाती है बल्कि यह भी साबित करती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और लगन सच्ची हो तो किसी भी उम्र में चमत्कार दिखाई जा सकती है।
आरव राज, एक राइट हैंड बैट्समैन,जिसने 24 दिसंबर 2017 को महज 5 साल की उम्र में पहला लेदर बॉल क्रिकेट मैच खेला था। वही छोटी सी शुरुआत आज एक बड़ी उपलब्धि बन कर सामने आई है। पिछले साढ़े आठ वर्षों में आरव ने लगातार अभ्यास, धैर्य और मैचों के जरिए अपनी प्रतिभा को माँजने का किया और 2026 तक 352 इनिंग्स में 10,143 रन बनाकर इतिहास रच दिया है।
आरव राज की यह उपलब्धि अपने आप में बेहद खास है क्योंकि इतनी कम उम्र में 10,000 से अधिक रन बनाना किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए एक मुश्किल लक्ष्य है। इस कीर्तिमान के साथ आरव राज छत्तीसगढ़ के पहले ऐसे क्रिकेटर बन गए हैं जो मात्र साढ़े 13 साल की उम्र में ही इस बड़े आँकड़े को लांघने मे सफल हुए है। उनके इस जबरदस्त प्रदर्शन में 24 शानदार शतक और 52 अर्धशतक शामिल हैं जो उनके अभ्यास,निरंतरता और बल्लेबाजी कौशल को दर्शाते हैं।
प्रतिभा को जब कड़ी मेहनत, नियमित अभ्यास और अटूट समर्पण का साथ मिलता है तब आरव राज जैसा बिरला व्यक्तित्व उभर कर सामने आता है। सोशल मीडिया के आकर्षण मे फंसे बच्चे जहां खेल के मैदान से दूर हो रहे हैं वहीं आरव ने क्रिकेट को अपना जीवन बनाया है। हर दिन घंटों की प्रैक्टिस, फिटनेस पर ध्यान और खुद को बेहतर बनाने की जद्दोजहद ने आरव को इस मुकाम तक पहुंचाया है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार और कोच को गौरान्वित किया है बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को सम्मानित किया है। आरव आज उन हजारों युवाओं के लिए एक मिसाल बने हुए हैं जो अपने सपनों को साकार तो करना चाहते हैं लेकिन आत्मविश्वास की कमी उन्हें सफल नहीं होने दे रही।
छोटी उम्र मे बड़े सपनों को साकार करने वाला आरव आने वाले समय में और भी बड़े रिकॉर्ड बनाने की क्षमता रखता है। आरव की सफलता उम्मीद जगाती है कि उसका यह सफर अब रुकने वाला नहीं है बल्कि यह बालक भविष्य मे भारतीय क्रिकेट के आकाश का चमकीला नक्षत्र बनेगा।