हाईस्कूल प्रभारी प्राचार्य पर महिला टीचर से छेड़छाड़, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी का आरोप

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Update: 2025-08-26 18:28 GMT
Bilaspur. बिलासपुर। जिले के कोटा ब्लॉक के जोगीपुर हाईस्कूल से एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां पदस्थ एक महिला टीचर ने स्कूल के प्रभारी प्राचार्य मनीष वर्मा पर अश्लील हरकत, धक्कामुक्की और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। महिला टीचर ने इस पूरे मामले की शिकायत कोटा थाने में दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने प्राचार्य के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पीड़ित महिला टीचर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 21 अगस्त को दोपहर वे स्कूल में मौजूद थीं। इसी दौरान प्रभारी प्राचार्य मनीष वर्मा 9वीं कक्षा के छात्रों की जानकारी रजिस्टर में दर्ज न होने को लेकर उन पर भड़क गए। जब उन्होंने कहा कि जानकारी भर दी जाएगी, तो प्राचार्य गाली-गलौज करने लगे और फिर धक्का-मुक्की करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
पहले भी कर चुका है "बेड टच"
महिला टीचर ने पुलिस को बताया कि यह पहली घटना नहीं है। प्रभारी प्राचार्य पहले भी कई बार उन्हें अकेला पाकर गलत तरीके से हाथ पकड़ चुके हैं और बेड टच जैसी हरकत कर चुके हैं। इस बारे में उन्होंने पहले ही स्कूल स्टाफ को जानकारी दी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
पर्सनल बातें करता था प्राचार्य
शिकायतकर्ता टीचर ने बताया कि प्राचार्य मनीष वर्मा उन्हें अकेला पाकर अपनी निजी जिंदगी की बातें साझा करता था। उसने कहा था कि उसकी शादीशुदा जिंदगी ठीक नहीं चल रही, पत्नी मायके में रहती है और उसे अकेलापन लगता है। टीचर का आरोप है कि इस बहाने वह उनसे अश्लील और बुरी बातें करता था।
पुलिस जांच में जुटी
महिला टीचर की शिकायत पर पुलिस ने धारा 354 (छेड़छाड़), 294 (गाली-गलौज), 506 (धमकी) सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है और स्कूल स्टाफ से भी पूछताछ की जाएगी।
शिक्षा विभाग पर भी उठे सवाल
यह मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। महिला टीचर ने पहले ही स्टाफ को प्राचार्य की हरकतों के बारे में बताया था, बावजूद इसके कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अब पुलिस केस दर्ज होने के बाद विभागीय जांच की भी मांग उठ रही है।
महिला सुरक्षा पर चिंता
यह घटना शिक्षा जगत में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चिंता खड़ी करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूल और कॉलेजों में महिलाओं के साथ कार्यस्थल पर उत्पीड़न की शिकायतों को गंभीरता से लेकर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। ऐसे मामलों की अनदेखी करने से आरोपी के हौसले बुलंद हो जाते हैं और पीड़ित महिलाओं को मानसिक और शारीरिक दोनों तरह से पीड़ा झेलनी पड़ती है। कोटा पुलिस ने बताया कि आरोपी प्राचार्य से जल्द ही पूछताछ की जाएगी और आरोपों की पुष्टि होने पर गिरफ्तारी भी की जा सकती है। महिला टीचर की सुरक्षा को लेकर भी कदम उठाए जा रहे हैं।
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