बिलासपुर में बदली पुलिसिंग की तस्वीर, बीट सिस्टम से अपराधियों पर शिकंजा

छग

Update: 2026-04-22 15:16 GMT
Bilaspur. बिलासपुर। शहर में पुलिसिंग का तरीका तेजी से बदलता नजर आ रहा है। अब पारंपरिक तरीके के बजाय पुलिस डेटा आधारित रणनीति के साथ काम कर रही है। एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर लागू बीट सिस्टम ने अपराध नियंत्रण में नई दिशा दी है, जिससे पुलिस को लगातार सफलता मिल रही है और अपराधियों में खौफ बढ़ा है। नई व्यवस्था के तहत बीट आरक्षक अपने-अपने क्षेत्रों की पूरी जानकारी रख रहे हैं। उनके पास इलाके के हर घर का रिकॉर्ड, किरायेदारों का विवरण, बाहर से आने वाले लोगों की जानकारी और पुराने अपराधियों का पूरा ब्योरा मौजूद है। इस वजह से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना आसान हो गया है और अपराध होने से पहले ही रोकथाम संभव हो रही है। फरवरी 2026 से लागू इस बीट सिस्टम का असर अब जमीन पर साफ दिखाई दे रहा है। सकरी थाना क्षेत्र में केवल सूचना के आधार पर 40 किलो गांजा बरामद किया गया। वहीं सिरगिट्टी इलाके में एटीएम चोरी के आरोपी को कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया। इसके अलावा कई अन्य मामलों में भी पुलिस को त्वरित सफलता मिली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था ने पुलिस की कार्यशैली को पूरी तरह बदल दिया है। अब पुलिस केवल घटनाओं पर प्रतिक्रिया नहीं दे रही।

बल्कि पहले से ही सूचनाओं के आधार पर सक्रिय होकर अपराध को रोकने का प्रयास कर रही है। इससे शहर में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है। बीट सिस्टम में बेहतर प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहित करने के लिए एसएसपी रजनेश सिंह ने उन्हें नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया है। इससे पुलिस बल में उत्साह और प्रतिस्पर्धा का माहौल बना है। सम्मानित किए गए पुलिसकर्मियों में कोटा थाना के आरक्षक धर्मेंद्र साहू, सकरी थाना के मनोज बघेल और विनोद शास्त्री, हिर्री थाना के एएसआई दिवाकर सिंह, बेलगहना चौकी के प्रधान आरक्षक प्रफुल्ल सिंह और आरक्षक अंकित जायसवाल, सिविल लाइन थाना के नीतेश सिंह और देवेंद्र शर्मा शामिल हैं। इसी तरह सकरी थाना के पवन बंजारे, सरकंडा थाना के संजीव जांगड़े, सिरगिट्टी थाना के बोधु कुम्हार और संजय यादव, सिविल लाइन थाना के सोनू पाल और नवीन सोनकर, सकरी थाना के सज्जू अली, सिरगिट्टी थाना के मिथिलेश साहू, कोतवाली थाना के राहुल जगत और शिवशंकर कुर्रे, तोरवा थाना के रंजीत खरे, मस्तूरी थाना के रेशम लाल टंडन, राकेश भारद्वाज और सचिन तिवारी, कोटा थाना के ज्वाला सिंह, सरकंडा थाना के दुर्गेश प्रजापति, मस्तूरी थाना के देवसहाय जायसवाल और रोहित पाटले को भी उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत किया गया।

एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि बीट सिस्टम पुलिस की “आंख और कान” के रूप में काम कर रहा है। जब आरक्षक अपने क्षेत्र के हर व्यक्ति और गतिविधि से जुड़े रहते हैं, तो अपराधियों के लिए अपनी पहचान छिपाना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस अब केवल डंडे के भरोसे नहीं, बल्कि डेटा के आधार पर काम कर रही है। इससे अपराधियों की गतिविधियों पर पहले से ही नजर रखी जा रही है और समय रहते कार्रवाई की जा रही है। इस नई व्यवस्था का एक बड़ा फायदा यह भी है कि आम नागरिकों और पुलिस के बीच संवाद बेहतर हुआ है। बीट आरक्षक नियमित रूप से लोगों से संपर्क में रहते हैं, जिससे सूचना का आदान-प्रदान आसान हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बदलाव से क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल मजबूत हुआ है और अपराध की घटनाओं में कमी आई है। पुलिस की सक्रियता और तत्परता ने लोगों का भरोसा बढ़ाया है। कुल मिलाकर, बिलासपुर में लागू यह बीट सिस्टम पुलिसिंग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में सामने आया है, जो आने वाले समय में और भी प्रभावी साबित हो सकता है।
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