Sarangarh-Bilaigarh. सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिला मुख्यालय सारंगढ़ को स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रशासन ने ठोस पहल शुरू कर दी है। इसी क्रम में कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने पुलिस अधीक्षक आँजनेय वार्ष्णेय के साथ कलेक्टोरेट सभाकक्ष में एक अहम बैठक आयोजित की, जिसमें नगर की सफाई व्यवस्था, सौंदर्यीकरण, यातायात व्यवस्था और बढ़ते अतिक्रमण जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य सारंगढ़ को चरणबद्ध और योजनाबद्ध तरीके से एक आदर्श नगर के रूप में विकसित करना रहा।
कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सारंगढ़ शहर अभी अपने विकास के निर्माण काल में है और यहां निरंतर बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य शासन, मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री की मंशा के अनुरूप शहर को दो चरणों में विकसित किया जाएगा। पहले चरण में शहर के मुख्य मार्गों का विकास किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में गली-मोहल्लों की सड़कों, नालियों और अन्य बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि रणनीतिक योजना के तहत सड़क, बिजली, पानी, नियमित साफ-सफाई, घर-घर एवं दुकान-दुकान कचरा संग्रहण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि शहर की सुंदरता और स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि इसमें नागरिकों की भागीदारी भी अत्यंत आवश्यक है।
अतिक्रमण को लेकर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुलिस, नगरपालिका और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम गठित करने के निर्देश दिए। इस टीम का कार्य पहले व्यापारियों और नागरिकों को समझाइश देना होगा, ताकि वे स्वयं अतिक्रमण हटा लें। इसके बावजूद यदि अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो प्रशासन द्वारा कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में बस स्टैंड की अव्यवस्था पर भी गंभीर चर्चा हुई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि बस स्टैंड को स्वच्छ बनाया जाए और अवैध पार्किंग व अवैध कब्जों को हटाया जाए। बसों की सुव्यवस्थित पार्किंग के लिए जायका होटल के सामने स्थित खाली प्लॉट के उपयोग की योजना पर भी सहमति बनी। इससे यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और आम नागरिकों को राहत मिलेगी।
सफाई व्यवस्था को लेकर कलेक्टर ने नगरपालिका को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सफाई कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने नियमित निरीक्षण और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात कही। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, सार्वजनिक स्थलों और बाजार क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि एक सुंदर और सुव्यवस्थित शहर न केवल नागरिकों को बेहतर जीवन देता है, बल्कि बाहर से आने वाले लोगों पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है।
बैठक में चेम्बर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों, स्थानीय पत्रकारों और वरिष्ठ नागरिकों से भी शहर के विकास को लेकर सुझाव लिए गए। कलेक्टर ने कहा, “शहर का समग्र विकास तभी संभव है जब प्रशासन और नागरिक मिलकर काम करें।” उन्होंने विगत महीनों में हुए सकारात्मक बदलावों पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि सड़कों, विद्युत आपूर्ति और अन्य बुनियादी सुविधाओं में सुधार से आमजन को राहत मिली है।
वरिष्ठ पत्रकार भरत अग्रवाल ने नगरपालिका की आर्थिक स्थिति सुधारने को लेकर व्यावहारिक सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि यदि नगरपालिका अपनी संपत्तियों का सही उपयोग करे, तो आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। उन्होंने पुलिस द्वारा जब्त वाहनों की नीलामी, कबाड़ सामग्री की बिक्री और किराया संवर्धन जैसे उपायों का सुझाव दिया, जिससे नगर पालिका को आर्थिक रूप से मजबूत किया जा सकता है।
बैठक के अंत में कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने सारंगढ़ को एक आदर्श और मॉडल शहर बनाने के लिए सभी वर्गों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि प्राप्त सुझावों के आधार पर शीघ्र ही ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि शहर के विकास में कोई कमी न रह जाए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ इंद्रजीत बर्मन, चेम्बर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारी, पत्रकार और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।