Sarangarh-Bilaigarh. सारंगढ़–बिलाईगढ़। जिले में कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने और सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने की, जबकि पुलिस अधीक्षक आंजनेय वार्ष्णेय विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में सड़क सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और प्रशासनिक समन्वय से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए जिले में दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थानों पर आवश्यक रूप से संकेतक बोर्ड लगाए जाएं तथा जरूरत के अनुसार स्पीड ब्रेकर भी स्थापित किए जाएं, ताकि वाहन चालकों को समय रहते सतर्क किया जा सके। साथ ही राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों के किनारे किए गए अवैध कब्जों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में हिट एंड रन दुर्घटनाओं और प्राकृतिक आपदा से जुड़े मामलों पर भी गंभीरता से विचार किया गया। कलेक्टर ने राजस्व और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन मामलों में घायल एवं मृतक परिवारों को शीघ्र राहत दिलाने के लिए प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को समय पर सहायता मिलना प्रशासन की जिम्मेदारी है। डॉ. कन्नौजे ने सोशल मीडिया पर फैलने वाले भ्रामक, अफवाहपूर्ण और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले संदेशों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की शांति व्यवस्था भंग न हो। धान के अवैध परिवहन और भंडारण को लेकर भी कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने खाद्य, मंडी, राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों को संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध धान परिवहन पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। यातायात नियमों के पालन को लेकर कलेक्टर ने व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को सुरक्षित ड्राइविंग, हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, वैध ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन के आवश्यक दस्तावेज रखने की आदत विकसित करनी होगी। इसके लिए नियमित चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से स्कूल और कॉलेजों में अध्ययनरत किशोर और युवा विद्यार्थियों के लिए सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि युवाओं में यदि शुरू से ही यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी विकसित की जाए, तो भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं में स्वतः कमी आएगी। बैठक में सारंगढ़ क्षेत्र के अशोका पब्लिक स्कूल, मोना स्कूल, संत थॉमस स्कूल और सीपीएम स्कूल के आसपास स्टॉपर एवं “आगे स्कूल है, धीरे चलें” जैसे साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा बस स्टैंड क्षेत्र में निर्धारित समय से पहले बसों द्वारा की जाने वाली अवैध रात्रि हाल्टिंग को रोकने, रविवार को बकरी बाजार के स्थान परिवर्तन, नए साल के दौरान ओवर स्पीडिंग और नशे में वाहन चलाने के मामलों पर विशेष पुलिस कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।