Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले अंतर्गत जनपद पंचायत उदयपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा के क्रियान्वयन में लापरवाही का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर सरगुजा के समक्ष ग्राम पंचायत मुड़गांव से संबंधित शिकायत प्रस्तुत की गई थी, जिसके बाद जांच में अनियमितता की पुष्टि हुई। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत मुड़गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत हितग्राही को मनरेगा अंतर्गत 90 मानव दिवस की मजदूरी राशि का भुगतान निर्धारित
समय सीमा
में नहीं किया गया। जांच में पाया गया कि संबंधित ग्राम रोजगार सहायक द्वारा कार्य पूर्ण होने के बावजूद मानव दिवस की ऑनलाइन प्रविष्टि समय पर दर्ज नहीं की गई, जिसके कारण हितग्राही को देय राशि प्राप्त नहीं हो सकी। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए जनपद पंचायत उदयपुर द्वारा संबंधित ग्राम रोजगार सहायक धनेश्वर प्रसाद यादव को पूर्व में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। हालांकि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया, जिसके बाद प्रशासन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्णय लिया।

सीईओ जनपद पंचायत उदयपुर द्वारा आदेश जारी करते हुए संबंधित रोजगार सहायक के मानदेय से 21,871 रुपए की वसूली करने का निर्देश दिया गया है। यह राशि आगामी पांच माह में उनके मानदेय से क्रमिक रूप से काटकर हितग्राही को भुगतान की जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गरीब और जरूरतमंद हितग्राहियों तक समय पर लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी। इस कार्रवाई को लेकर विभागीय स्तर पर भी सख्ती बढ़ा दी गई है और अन्य ग्राम पंचायतों में भी मनरेगा तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में ऐसी गड़बड़ी पाए जाने पर और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि डिजिटल प्रविष्टियों में देरी और लापरवाही से सीधे तौर पर हितग्राहियों को नुकसान होता है, इसलिए सभी कर्मचारियों को समय पर और पारदर्शी तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। यह मामला ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में जवाबदेही और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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