झूठे प्रलोभन और धमकी देकर श्रमिकों को उकसाने वाला आरोपी गिरफ्तार

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Update: 2026-01-18 19:06 GMT
Balodabazar. बलौदाबाजार। बलौदाबाजार जिले के सुहेला थाना क्षेत्र अंतर्गत कुकूरदी स्थित सीमेंट संयंत्र में श्रमिकों को झूठे प्रलोभन देकर और डरा-धमकाकर जबरन कार्यबंदी कराने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रायपुर निवासी दिलीप वर्मा (उम्र 38 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने स्वयं को मजदूर यूनियन का अध्यक्ष बताकर श्रमिकों को गुमराह किया और संयंत्र में कामकाज ठप कराने का प्रयास किया।
इस संबंध में प्रार्थी बृजेश कुमार दुबे ने 12 जनवरी को थाना सुहेला में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि दिलीप वर्मा ने सीमेंट संयंत्र में कार्यरत संविदा श्रमिकों को एकत्र कर खुद को मजदूर यूनियन का अध्यक्ष बताया। इसके बाद उसने श्रमिकों को झूठे वादे और प्रलोभन देकर अपने पक्ष में करने की कोशिश की। जब कुछ श्रमिकों ने उसकी बात मानने से इनकार किया, तो आरोपी ने उन्हें डराना-धमकाना शुरू कर दिया।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने श्रमिकों को संयंत्र के मुख्य द्वार पर एकत्र होकर काम बंद करने के लिए उकसाया। इतना ही नहीं, उसने कथित तौर पर श्रमिकों से अवैध रूप से पैसे की वसूली भी की। जो श्रमिक पैसे देने से मना कर रहे थे, उन्हें चक्काजाम करने, काम न करने देने और जान से मारने की धमकी दी गई। इस तरह आरोपी ने भय का माहौल बनाकर जबरन कार्यबंदी कराने की कोशिश की, जिससे संयंत्र के संचालन और औद्योगिक शांति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। प्रार्थी की शिकायत के आधार पर थाना सुहेला में आरोपी के खिलाफ संगठित अपराध से संबंधित विभिन्न धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। पुलिस अधीक्षक बलौदाबाजार-भाटापारा भावना गुप्ता के निर्देश पर एक विशेष विवेचना टीम गठित की गई, जिसने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी दिलीप वर्मा को हिरासत में लिया।
पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपने कुछ अन्य साथियों के साथ मिलकर इस पूरी घटना को अंजाम दिया। आरोपी ने श्रमिकों में असंतोष फैलाने और दबाव बनाकर अवैध लाभ कमाने की नीयत से इस साजिश को रचा था। पुलिस अब आरोपी के अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान की जा रही है। सुहेला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि औद्योगिक क्षेत्रों में कानून व्यवस्था भंग करने, श्रमिकों को गुमराह करने और जबरन वसूली जैसे मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। पुलिस का कहना है कि ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और औद्योगिक गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित हो सकें।
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