मां दंतेश्वरी मंदिर में कुछ देर में 800 साल से चली आ रही परंपरा निभाई जाएगी

Update: 2025-10-20 03:51 GMT

बस्तर। आराध्य देवी मां दंतेश्वरी को आज 7 प्रकार की जड़ी बूटी के पानी से स्नान कराया गया है। कतियार समाज के लोगों ने दिवाली के दिन यह विधान पूरा कर करीब 800 साल से चली आ रही परंपरा निभाई। मान्यता है कि ऐसा करने से शुद्धिकरण होता है। वहीं देवी के मंदिर में विशेष पूजा अर्चना कर सबसे पहले दिवाली का त्योहार मनाया गया है।

आज माता के दर्शन करने लोगों की भी भीड़ उमड़ी है। दरअसल, दिवाली से ठीक एक दिन पहले दंतेवाड़ा जिले के कतियार समाज के लोग जंगल से जड़ी बूटी लेकर आए। समाज की माने तो इस जड़ी बूटी का नाम नहीं बताया जाता और न ही इसकी पहचान बताई जाती है। यह जड़ी बूटी काफी रेयर है। यानी मुश्किल से ही जंगलों में मिलती है। जिसकी पहचान सिर्फ कतियार समाज के सदस्य ही कर पाते हैं।

इसलिए इसका नाम और पहचान गुप्त रखा जाता है। समाज के सदस्य शिवचंद कतियार ने बताया कि, हर साल की तरह इस साल भी एक दिन पहले 7 अलग-अलग तरह की जड़ी बूटी लाई गई। जिसे रात में हंडी में डालकर उबाला गया था। वहीं आज दिवाली के दिन इसी जड़ी बूटी पानी से देवी दंतेश्वरी समेत मंदिर में स्थित अन्य देवी-देवताओं की मूर्ति को स्नान करवाया गया। शिवचंद कहते हैं कि ऐसा करने से शुद्धिकरण होता है।

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