Bilaspur. बिलासपुर। बिलासपुर में एक शिक्षिका के बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) कार्य से इनकार करने पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने उन्हें निलंबित कर दिया है। मामले की जानकारी के अनुसार, स्वामी आत्मानंद महारानी लक्ष्मी बाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की शिक्षिका कविता बनर्जी को 7 नवंबर को निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा बीएलओ कार्य के लिए आदेशित किया गया था। बीएलओ का मुख्य काम मतदाता सूची का घर-घर पुनरीक्षण करना और किसी भी त्रुटि या बदलाव की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना होता है। लेकिन शिक्षिका कविता बनर्जी ने इस आदेश का पालन करने से इनकार कर दिया। इस पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी बिलासपुर ने 15 नवंबर को निलंबन की सिफारिश की।
इसके बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल ने तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित करने का आदेश जारी किया। निलंबन अवधि में कविता बनर्जी को विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बिल्हा में अटैच किया गया है। यह कार्रवाई भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में चल रहे विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के तहत हुई है। यह अभियान 4 नवंबर से पूरे बिलासपुर जिले में जारी है। अभियान के तहत जिले के सभी छह विधानसभा क्षेत्रों के 1,815 मतदान केंद्रों में मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में कुल 3,800 अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आगामी चुनावों में सभी योग्य मतदाता अपनी जानकारी सही और अपडेटेड तरीके से चुनाव आयोग तक पहुंचा सकें। इस अभियान में बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता विवरण की जांच करते हैं, नए मतदाताओं का नाम जोड़ते हैं और किसी भी त्रुटि या बदलाव की सूचना संबंधित अधिकारियों को देते हैं।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि मतदाता सूची का सटीक और पारदर्शी होना लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा ड्यूटी से इनकार करने की स्थिति में सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि निलंबन का निर्णय प्रक्रिया की गंभीरता और निर्वाचन आयोग के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। शिक्षिका निलंबन की यह घटना जिले में व्यापक चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मतदाता सूची की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का सहयोग जरूरी है। इस बीच, विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बिल्हा में अटैच हुई कविता बनर्जी अब वहीं अपनी नई जिम्मेदारी निभाएँगी। चुनाव प्रक्रिया में बीएलओ की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है और किसी भी प्रकार की लापरवाही चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती है। इस घटना से स्पष्ट संदेश मिलता है कि चुनावी प्रक्रियाओं में अनुशासन और आदेशों का पालन अनिवार्य है।