Sukma. सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में पुलिस अधीक्षक का एक अलग अंदाज देखने को मिला। पुलिस अधीक्षक ने मंगलवार रात करीब 8 बजे दोरनापाल स्थित प्री और पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्रावास की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ विद्यार्थियों की पढ़ाई में भी रुचि दिखाई। खास बात यह रही कि पुलिस अधीक्षक ने विज्ञान की पढ़ाई कर रहे छात्रों को मोमबत्ती जलाकर प्रायोगिक तरीके से एक महत्वपूर्ण विषय समझाया। इसके बाद विद्यार्थियों से प्रश्न पूछे और उनके साथ बैठकर रात्रि भोजन भी किया। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व, अनुशासन और बेहतर अध्ययन की रणनीति के बारे में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने और भविष्य में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

रात 8 बजे अचानक छात्रावास पहुंचे पुलिस अधीक्षक
जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक सुकमा ने रात करीब 8 बजे दोरनापाल स्थित प्री और पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान छात्र अपने कमरों में पढ़ाई करते हुए मिले। पुलिस अधीक्षक ने विद्यार्थियों से बातचीत की और उनकी शैक्षणिक गतिविधियों में रुचि दिखाई। उन्होंने छात्रों से उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों को पढ़ाई में व्यस्त देखकर पुलिस अधीक्षक ने उनसे विज्ञान से संबंधित विषयों पर चर्चा की।

मोमबत्ती जलाकर समझाया विज्ञान का विषय
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने देखा कि कुछ विद्यार्थी विज्ञान की पढ़ाई कर रहे हैं। इसके बाद उन्होंने बच्चों को विज्ञान का एक महत्वपूर्ण विषय समझाने का निर्णय लिया। उन्होंने मोमबत्ती जलाकर प्रायोगिक माध्यम से विज्ञान से जुड़े विषय को सरल तरीके से समझाया। इस दौरान छात्रों ने भी पढ़ाई में रुचि दिखाई और पुलिस अधीक्षक द्वारा समझाई गई बातों को ध्यान से सुना। प्रयोग के माध्यम से विज्ञान समझाने का उद्देश्य विद्यार्थियों को विषय की जानकारी व्यावहारिक तरीके से देना था।

छात्रों से पूछे सवाल, उत्साह से दिए जवाब
विज्ञान का विषय समझाने के बाद पुलिस अधीक्षक ने विद्यार्थियों से उसी विषय पर सवाल भी पूछे। प्रश्नोत्तरी के दौरान छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पूछे गए सवालों के सही जवाब दिए। बच्चों के जवाब सुनकर पुलिस अधीक्षक ने उनकी पढ़ाई में रुचि दिखाई और उन्हें आगे भी इसी तरह अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान विद्यार्थियों को केवल किताबों से पढ़ने के बजाय विषयों को समझकर अध्ययन करने का संदेश दिया गया।

बच्चों के साथ बैठकर किया रात्रि भोजन
छात्रावास में निरीक्षण के दौरान रात्रि भोजन का समय हो गया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक विद्यार्थियों के बीच बैठ गए और उनके साथ ही भोजन किया। पुलिस अधीक्षक ने छात्रों के साथ समय बिताया और उनसे बातचीत की। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व के बारे में बताया। इसके साथ ही अनुशासन बनाए रखने और नियमित पढ़ाई करने की सीख भी दी।

बेहतर पढ़ाई के लिए दिया मार्गदर्शन
पुलिस अधीक्षक ने विद्यार्थियों को सुनियोजित तरीके से पढ़ाई करने का महत्व समझाया। उन्होंने अध्ययन के लिए उचित रणनीति अपनाने और अनुशासन का पालन करने की सलाह दी। उन्होंने बच्चों को बताया कि शिक्षा जीवन में आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। निरीक्षण के अंत में पुलिस अधीक्षक ने सभी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। दोरनापाल छात्रावास में पुलिस अधीक्षक का यह निरीक्षण केवल व्यवस्थाओं का जायजा लेने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इस दौरान उन्होंने बच्चों को विज्ञान पढ़ाया, उनसे सवाल-जवाब किए और उनके साथ भोजन कर समय बिताया।
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