धान खरीदी में लापरवाही पर कड़ा एक्शन, तीन निलंबित

छग

Update: 2026-01-02 12:57 GMT
Raigarh. रायगढ़। जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धान खरीदी कार्य में पारदर्शिता और शासन निर्देशों के सख्त पालन को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। विभिन्न धान उपार्जन केंद्रों के निरीक्षण और जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के अनुमोदन से दोषी समिति प्रबंधकों और सहायकों के विरुद्ध सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के तहत तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है, जबकि दो सहायक समिति प्रबंधकों का वित्तीय प्रभार तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है।
सहकारिता विभाग द्वारा की गई विस्तृत जांच में यह स्पष्ट हुआ कि कई धान खरीदी केंद्रों में शासन द्वारा निर्धारित ढाला पद्धति से धान परीक्षण की प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा था। जांच में पाया गया कि किसानों द्वारा बोरे में लाए गए धान को बिना गुणवत्ता परीक्षण के सीधे शासकीय बोरों में भरकर तौल किया जा रहा था। यह प्रक्रिया न केवल शासन के स्पष्ट निर्देशों का उल्लंघन है, बल्कि इससे धान की गुणवत्ता और खरीदी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। इसके अतिरिक्त धान खरीदी कार्य में अनियमितता, उदासीनता और मनमाने ढंग से कार्य करने जैसी गंभीर लापरवाहियां भी उजागर हुईं।
उप आयुक्त सहकारिता विभाग ने जानकारी देते हुए बताया कि आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित जमरगीडी (पंजीयन क्रमांक 1553) के सहायक समिति प्रबंधक एवं धान खरीदी प्रभारी दीनबंधु पटेल द्वारा बार-बार शासन निर्देशों की अवहेलना की जा रही थी। उन्हें कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया था, लेकिन प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर उनका वित्तीय प्रभार तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। इसी तरह आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित कापू (पंजीयन क्रमांक 48) के सहायक समिति प्रबंधक श्यामनारायण दुबे द्वारा भी धान खरीदी कार्य में लापरवाही बरती गई और शासन के निर्देशों की अनदेखी की गई। उनके द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण भी असंतोषजनक पाए जाने पर उनका वित्तीय प्रभार भी तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है।
जांच में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित छाल (पंजीयन क्रमांक 615) के सहायक समिति प्रबंधक ठण्डाराम बेहरा तथा आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित कोड़ासिया (पंजीयन क्रमांक 833) के समिति प्रबंधक एवं फड़ प्रभारी प्रहलाद बेहरा को कारण बताओ सूचना पत्र का जवाब प्रस्तुत न करने के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित खड़गांव (पंजीयन क्रमांक 180) में धान उपार्जन केंद्र के नोडल अधिकारी के विरुद्ध गाली-गलौच और धमकी दिए जाने की शिकायत जांच में सही पाई गई। वहीं इसी समिति के सहायक समिति प्रबंधक कृपाराम राठिया द्वारा भी धान खरीदी में गंभीर लापरवाही सामने आई। जांच प्रतिवेदन के आधार पर उन्हें भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राजपत्र (असाधारण) के प्रावधानों के अनुसार 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक की संपूर्ण धान खरीदी अवधि के दौरान धान उपार्जन कार्य से जुड़े सभी कर्मचारियों पर आवश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम, 1979 (ESMA) लागू है। इसके बावजूद लापरवाही सामने आना प्रशासन के लिए गंभीर विषय माना जा रहा है। जिला प्रशासन ने सभी समितियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि धान खरीदी कार्य पूरी पारदर्शिता, निर्धारित नियमों और शासन द्वारा तय प्रक्रिया के अनुरूप ही किया जाए। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और शासन की योजनाओं का लाभ सही रूप में वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंचे। भविष्य में भी अनियमितता पाए जाने पर और कठोर कार्रवाई किए जाने के संकेत दिए गए हैं।
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