अवैध धान भंडारण पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई, दो प्रतिष्ठानों से 152 कट्टा धान जब्त

छग

Update: 2025-11-12 13:44 GMT
Mahasamund. महासमुंद। धान खरीदी सीजन शुरू होने से पहले ही जिला प्रशासन महासमुंद ने अवैध धान भंडारण और परिवहन पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश में समर्थन मूल्य पर खरीदी से पहले अवैध रूप से धान की खरीद, बिक्री या भंडारण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में बुधवार को निरीक्षण दल ने दो अलग-अलग प्रतिष्ठानों से कुल 152 कट्टा धान जब्त किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार्रवाई मंडी सचिव महासमुंद के नेतृत्व में की गई। निरीक्षण दल में उपनिरीक्षक कमल नारायण साहू और अखिलेश राठिया शामिल थे। टीम ने जिले के दो स्थानों पर छापामार कार्रवाई की।

पहली कार्रवाई लाफिंग खुर्द स्थित भारत भूषण साहू के प्रतिष्ठान में की गई, जहां 50 कट्टा धान अवैध रूप से संग्रहित पाया गया। मौके पर ही धान को जब्त कर लिया गया और आवश्यक कार्यवाही की गई। वहीं, दूसरी कार्रवाई ग्राम बम्हनी में की गई, जहां खिलावन यादव के प्रतिष्ठान में 102 कट्टा धान अवैध रूप से रखा पाया गया। अधिकारियों ने मौके पर धान जप्त करते हुए दोनों ही मामलों में प्रकरण तैयार कर संबंधित विभाग को रिपोर्ट भेजी है। प्रशासन ने बताया कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति धान खरीदी प्रारंभ होने से पहले अनुचित लाभ उठाने के लिए अवैध भंडारण या बिक्री न कर सके। धान खरीदी के समय अनियमितता रोकने के लिए जिले भर में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।

जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यापारी या व्यक्ति अवैध रूप से धान का भंडारण, परिवहन या विक्रय करते पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने कहा है कि समर्थन मूल्य पर खरीदी को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इसी के साथ जिले की सीमाओं पर निगरानी और चेकिंग अभियान को और सख्त कर दिया गया है। आने वाले दिनों में भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी उपज को केवल
मान्यता
प्राप्त पंजीकृत समितियों में ही बेचें और किसी निजी व्यापारी के झांसे में न आएं। जिले के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई आने वाले दिनों में और भी तेज की जाएगी ताकि किसी भी तरह का अवैध व्यापार या भंडारण की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाया जा सके। यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि महासमुंद जिला प्रशासन धान खरीदी व्यवस्था को दुरुस्त और पारदर्शी बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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