नशे में डीजे वाहन चलाने वाले चालक पर कड़ी कार्रवाई, कोर्ट ने ठोका 60 हज़ार का जुर्माना

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Update: 2025-11-10 13:51 GMT
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में नशे की हालत में वाहन चलाने वालों पर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में न्यायालय ने एक डी.जे. वाहन चालक को नशे की हालत में वाहन चलाने और मोटरयान अधिनियम के उल्लंघन के मामले में ₹60,000 का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई रायपुर ट्रैफिक पुलिस के नियमित ड्रंक एंड ड्राइव अभियान के तहत की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेंद सिंह के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत शुक्ला, उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) गुरजीत सिंह एवं सतीश ठाकुर के नेतृत्व में यह अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसके तहत हर रात 11 बजे से 2 बजे तक पुलिस टीम सड़कों पर उतरकर शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ जांच और कार्रवाई कर रही है।

लहराते हुए पकड़ा गया डी.जे. वाहन चालक
थाना यातायात भाठागांव बस स्टैंड प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह अपनी टीम के साथ लाखेनगर और पुरानी बस्ती क्षेत्र में गश्त पर थे। इसी दौरान रात 11:37 बजे लाखेनगर चौक पर एक माजदा डी.जे. वाहन लहराते हुए आता दिखा। वाहन को रोककर जब चालक की ब्रीथ एनालाइजर मशीन से जांच की गई, तो उसमें अत्यधिक शराब सेवन की पुष्टि हुई। जांच में सामने आया कि यह वाहन मालवाहक माजदा ट्रक था, जिसे बिना अनुमति के मॉडिफाई कर उसमें डी.जे. साउंड सिस्टम लगाया गया था। वाहन की बॉडी के बाहर एंगल लगाकर वेल्डिंग से ऊँचा और लंबा ढांचा बनाया गया था, जो पूरी तरह सुरक्षा नियमों का उल्लंघन था।

बिना फिटनेस और प्रदूषण प्रमाण पत्र के सड़क पर दौड़ रहा वाहन
पुलिस जांच में यह भी पाया गया कि वाहन का फिटनेस प्रमाण पत्र समाप्त हो चुका था, और उसके पास प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र (PUC) भी नहीं था। साथ ही, वाहन मालिक ने परिवहन विभाग की अनुमति लिए बिना वाहन की संरचना में बदलाव किया था। यह सभी कार्रवाइयाँ मोटरयान अधिनियम की गंभीर धाराओं का उल्लंघन हैं। पुलिस ने इस मामले में वाहन स्वामी और चालक दोनों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम की धारा 185, 182A(4), 194(1क), 56/192 एवं 190(02) के तहत प्रकरण तैयार कर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया।

न्यायालय ने सुनाया सख्त फैसला
माननीय न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद वाहन स्वामी बीना कौशिक (पति चन्द्रशेखर कौशिक, निवासी भोईपारा रायपुर) को ₹5,000 और वाहन चालक गोपी राम मनहरे (पिता फेलू राम मनहरे, निवासी बंधवापारा रायपुर) को ₹55,000 का अर्थदंड लगाया। इस तरह दोनों पर कुल ₹60,000 का जुर्माना ठोका गया। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब रायपुर पुलिस लगातार सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपना रही है और नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपना रही है।

पुलिस ने नागरिकों से की अपील
रायपुर पुलिस ने इस मामले के बाद नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और नशे की हालत में कभी भी वाहन न चलाएं। पुलिस ने चेतावनी दी है कि नशे की स्थिति में वाहन चलाने से चालक का वाहन पर नियंत्रण नहीं रहता और हादसे की आशंका बढ़ जाती है। इसके अलावा, पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि मालवाहक वाहनों को मॉडिफाई कर डी.जे. साउंड सिस्टम लगाने या बॉडी स्ट्रक्चर बदलने पर भी कानूनी कार्रवाई होगी। ऐसे वाहन न केवल अवैध हैं, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ाते हैं।

लगातार जारी है अभियान
यातायात विभाग की टीमें अब दिन और शाम के समय भी जांच अभियान चला रही हैं। नशे में वाहन चलाते पकड़े जाने पर न केवल भारी जुर्माना बल्कि ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन और वाहन जब्ती जैसी कार्रवाई भी की जाएगी। एसएसपी डॉ. लाल उमेंद सिंह ने कहा कि सड़कों पर सुरक्षा बनाए रखने के लिए यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने कहा “हमारा उद्देश्य दंड देना नहीं बल्कि लोगों में जागरूकता लाना है। हर व्यक्ति को यह समझना चाहिए कि नशे में वाहन चलाना खुद की और दूसरों की जान जोखिम में डालना है।”
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