स्कूलों में ‘रील्स’ पर सख्ती: कोंडागांव DEO का आदेश, कार्यालय समय में वीडियो बनाने पर रोक
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Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ में शासकीय कर्मचारियों द्वारा कार्यालय समय और शासकीय परिसरों में सोशल मीडिया के लिए रील्स एवं वीडियो बनाने के मामलों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। गरियाबंद जिले के पीएमश्री स्कूल से जुड़ी शिक्षिकाओं के रील्स और वीडियो सामने आने के बाद अब कोंडागांव के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने इस प्रवृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेश में शासकीय सेवा आचरण नियमों का हवाला देते हुए कर्मचारियों को कार्यालय समय में अथवा शासकीय परिसर में सोशल मीडिया सामग्री तैयार और प्रसारित करने से प्रतिबंधित किया गया है।
डीईओ द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि यह संज्ञान में आया है कि कुछ शासकीय कर्मचारी कार्यालय समय के दौरान या शासकीय परिसरों में Instagram, Facebook, YouTube जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए रील्स/वीडियो बनाकर प्रसारित कर रहे हैं। आदेश में इसे शासकीय सेवा आचरण नियमों के विपरीत बताते हुए कहा गया है कि इस प्रकार की गतिविधियों से कार्यालय की गरिमा, अनुशासन और कार्य संस्कृति प्रभावित होती है। साथ ही यह भी रेखांकित किया गया कि शासकीय कर्मचारियों का प्रथम दायित्व अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करना है, न कि निजी सोशल मीडिया गतिविधियों में संलग्न होना।
आदेश के अनुसार, किसी भी कर्मचारी को कार्यालय समय में अथवा शासकीय परिसर में सोशल मीडिया के लिए रील्स या वीडियो का निर्माण एवं प्रसारण करने की अनुमति नहीं होगी। इसके अतिरिक्त शासकीय वर्दी, दस्तावेज, कार्यालय सामग्री या शासकीय परिसरों का उपयोग निजी सोशल मीडिया सामग्री तैयार करने के लिए प्रतिबंधित किया गया है। डीईओ ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की ऐसी गतिविधि, जिससे शासन या विभाग की छवि प्रभावित हो, से पूर्णतः परहेज किया जाए। प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि किसी कर्मचारी द्वारा जारी निर्देशों का उल्लंघन किया जाता है, तो संबंधित के विरुद्ध शासकीय सेवा आचरण नियमों के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस प्रावधान के जरिए कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि सेवा नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर कठोर कदम उठाए जाएंगे। डीईओ ने आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले के सभी प्राचार्यों, प्रधान अध्यापकों तथा शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक, हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्रभारी अधिकारियों को निर्देशित किया है। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि सभी कर्मचारी उक्त निर्देशों का कड़ाई से पालन करें और विद्यालय परिसरों में अनुशासन बनाए रखें। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार के आदेश से शैक्षणिक वातावरण की गरिमा और गंभीरता को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
आदेश की प्रति संबंधित प्रशासनिक और शैक्षणिक अधिकारियों को भी प्रेषित की गई है, जिनमें कलेक्टर जिला कोंडागांव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बस्तर जगदलपुर, सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, विकासखंड स्रोत समन्वयक एवं संकुल स्रोत समन्वयक शामिल हैं। इससे स्पष्ट है कि प्रशासन इस निर्देश को व्यापक स्तर पर लागू करने के पक्ष में है। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में सोशल मीडिया का प्रभाव तेजी से बढ़ा है और विभिन्न क्षेत्रों के कर्मचारी भी इसमें सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। हालांकि शासकीय सेवा में कार्यरत कर्मचारियों के लिए सेवा नियमों और अनुशासन का पालन सर्वोपरि माना जाता है। शिक्षा विभाग के इस कदम को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य शासकीय संस्थानों की गरिमा और कार्यकुशलता को बनाए रखना है।