आवारा कुत्तों का 5 वर्षीय बच्चे पर हमला, CCTV में कैद हुई दिल दहला देने वाली घटना
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Rajnandgaon. राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में आवारा कुत्तों के हमले की एक गंभीर घटना सामने आई है। सनसिटी एनएक्स कॉलोनी में खेल रहे 5 वर्षीय बच्चे पर चार आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। इस हमले में बच्चा बुरी तरह घायल हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। यह घटना गुरुवार शाम की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, बच्चा कॉलोनी परिसर में खेल रहा था, तभी अचानक चार आवारा कुत्तों ने उसे घेर लिया और हमला कर दिया। कुत्तों ने बच्चे को जमीन पर गिराकर घसीटा और उसके शरीर के कई हिस्सों को नोंच लिया। हमले में उसके पैरों, जांघ और पीठ के निचले हिस्से में गंभीर चोटें आई हैं।
घटना का पूरा दृश्य कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुत्तों का झुंड बच्चे को दौड़ाता है, वह बचने के लिए भागता है, लेकिन एक कुत्ता उसे पैर से काटकर गिरा देता है। इसके बाद बच्चा बार-बार उठकर भागने की कोशिश करता है, लेकिन कुत्ते लगातार उसका पीछा करते रहते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, इसी दौरान बच्चे की आवाज सुनकर एक व्यक्ति मौके पर पहुंचा और उसने किसी तरह कुत्तों के झुंड से बच्चे को बचाया। लेकिन तब तक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो चुका था। घटना के बाद बच्चे को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसके शरीर पर गहरे घाव और दांतों के निशान की पुष्टि की है। चिकित्सकों के अनुसार बच्चा शारीरिक चोटों के साथ-साथ मानसिक रूप से भी गहरे सदमे में है।
कॉलोनी के लोगों ने बताया कि इलाके में लंबे समय से आवारा कुत्तों की समस्या बनी हुई है, लेकिन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में गुस्सा और डर का माहौल है। कई परिवारों ने बच्चों को अकेले बाहर भेजना बंद कर दिया है। लोगों का कहना है कि कॉलोनी में सुरक्षा व्यवस्था कमजोर है और आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण जरूरी है। उन्होंने नगर निगम और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। साथ ही पीड़ित परिवार को आर्थिक और चिकित्सीय सहायता देने की भी मांग उठाई गई है। स्थानीय नागरिकों ने यह भी कहा कि यदि समय रहते आवारा कुत्तों को पकड़ा गया होता तो इस तरह की घटना को रोका जा सकता था। अब लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और बच्चों को घरों के भीतर ही रखने को मजबूर हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन घटना के बाद इलाके में तनाव और चिंता का माहौल बना हुआ है।