SSP डॉ. लाल उमेद सिंह का निर्देश, अब दोपहिया वाहन के साथ अनिवार्य होगा हेलमेट
छग
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में सड़क हादसों की बढ़ती घटनाओं और दोपहिया चालकों की मौतों पर नियंत्रण के लिए पुलिस अब सख्त रुख अपना रही है। इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. लाल उमेद सिंह ने शहर और आसपास के सभी दोपहिया वाहन डीलर्स की बैठक लेकर स्पष्ट निर्देश दिया कि अब हर वाहन के साथ हेलमेट अनिवार्य रूप से बेचना होगा। बैठक यातायात कार्यालय में आयोजित की गई, जिसमें रायपुर शहर के 51 वाहन डीलर्स के अलावा रायपुर ऑटो डीलर्स एसोसिएशन (राडा) के उपाध्यक्ष कैलाश खेमानी और एमजी रोड व्यापारी संघ के अध्यक्ष संजय जदवानी भी मौजूद रहे। इस अवसर पर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी आशीष देवांगन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत शुक्ला, एएसपी यातायात/प्रोटोकॉल डॉ. अनुराग झा, डीएसपी सतीश ठाकुर और गुरजीत सिंह भी उपस्थित रहे।
हादसों का आंकड़ा चिंताजनक
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बैठक में बताया कि रायपुर जिले में बीते सात महीनों में सड़क हादसों में 214 लोगों की मौत हुई है, जिनमें अधिकांश मौतें सिर पर चोट लगने से हुई हैं। उन्होंने कहा कि “सड़क हादसे केवल एक व्यक्ति की जिंदगी नहीं छीनते, बल्कि एक पूरे परिवार और उनकी आने वाली पीढ़ियों को प्रभावित करते हैं।” डॉ. सिंह ने कहा कि युवाओं में तेज रफ्तार, स्टंट और रील बनाने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। खासकर नवा रायपुर जैसे इलाकों में युवा वर्ग स्पीड बाइक लेकर खतरनाक स्टंट करता है, जिससे हादसे होते हैं और कई बार मौत भी हो जाती है।
डीलर्स की भूमिका अहम
एसएसपी ने डीलर्स से कहा कि जैसे आप वाहन बेचते समय ग्राहकों को कई विकल्प देकर उन्हें प्रभावित करते हैं, वैसे ही अब उनकी सुरक्षा के बारे में भी समझाना होगा। वाहन खरीदने वालों को यह बताना आवश्यक है कि हेलमेट क्यों जरूरी है।
क्या वाहन खरीदने वाला बालिग है या नाबालिग।
क्या उसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस है।
स्पीड बाइक खरीदने पर उसकी सुरक्षा प्रणाली, ब्रेकिंग सिस्टम और भार वहन क्षमता की पूरी जानकारी दी जाए।
उन्होंने कहा कि “आपकी प्राथमिकता वाहन बेचना ही नहीं बल्कि खरीदार की सुरक्षा भी होनी चाहिए। अगर आप जिम्मेदारी से हेलमेट देंगे और जागरूक करेंगे, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।”
शो रूम में लगेगा जागरूकता फ्लैक्स
एसएसपी ने निर्देश दिए कि सभी डीलर्स अपने-अपने शोरूम में हेलमेट की अनिवार्यता और सड़क सुरक्षा से जुड़े जागरूकता फ्लैक्स लगाएं। उन्होंने कहा कि डीलर्स वाहन खरीदने वाले के परिजनों की काउंसलिंग भी करें। साथ ही, पालकों को यह जानकारी दें कि वे कैसे जीपीएस सिस्टम और एप्लिकेशन के जरिए अपने बच्चों के वाहन की गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं।
हेलमेट की अनिवार्यता पर सख्त निर्देश
डॉ. सिंह ने कहा कि “सड़क हादसों में मौतें रोकने के लिए हमें मिलकर प्रयास करना होगा। इसका पहला कदम यह होगा कि हर वाहन के साथ हेलमेट बेचना अनिवार्य किया जाए। यह केवल एक कानूनी जिम्मेदारी नहीं बल्कि एक सामाजिक दायित्व भी है। उन्होंने आगे कहा कि अगर हेलमेट की वजह से किसी की जान बचती है, तो निश्चित रूप से उसके परिवार को सुरक्षित भविष्य मिलता है। “जब सड़क पर मौतों की संख्या कम होगी, तभी हमारा यह अभियान सफल माना जाएगा।”
राडा ने दिया आश्वासन
बैठक में रायपुर ऑटो डीलर्स एसोसिएशन (राडा) के उपाध्यक्ष कैलाश खेमानी ने बताया कि संगठन पहले ही सभी डीलर्स को हेलमेट की अनिवार्यता को लेकर निर्देशित कर चुका है। उन्होंने कहा, “हमने कंपनियों से भी बातचीत की है कि वाहन के साथ हेलमेट मुफ्त दिया जाए। यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो ग्राहकों को सीधे इसका लाभ मिलेगा।” उन्होंने आश्वस्त किया कि राडा से जुड़े सभी डीलर्स वाहन बेचते समय शत-प्रतिशत हेलमेट देंगे, साथ ही वाहन खरीदने वालों को सुरक्षा उपायों की जानकारी देंगे और शोरूम में हेलमेट जागरूकता से जुड़े फ्लैक्स भी लगाएंगे।
पुलिस और समाज की संयुक्त जिम्मेदारी
बैठक में मौजूद अधिकारियों ने भी कहा कि हेलमेट की अनिवार्यता केवल पुलिस या डीलर्स की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर व्यक्ति को इसमें योगदान देना होगा। अगर एक परिवार अपने बेटे या भाई को बिना हेलमेट वाहन चलाने से रोक लेता है, तो यह भी एक बड़ी पहल होगी।