Narayanpur. नारायणपुर। व्यवहार न्यायालय नारायणपुर में चेक बाउंस मामलों के त्वरित निराकरण के लिए स्पेशल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश नारायणपुर जितेंद्र कुमार ठाकुर ने दीप प्रज्वलित कर विशेष लोक अदालत का शुभारंभ किया। इस अवसर पर न्यायालय के अधिकारी, अधिवक्ता एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को आपसी सहमति और राजीनामा के आधार पर मामलों का शीघ्र समाधान करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश जितेंद्र कुमार ठाकुर ने कहा कि लोक अदालत विवादों के निपटारे का सरल, सस्ता और प्रभावी माध्यम है। विशेष रूप से चेक बाउंस जैसे मामलों में दोनों पक्षों की सहमति से प्रकरणों का समाधान होने से न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या कम होती है और पक्षकारों को भी लंबे समय तक चलने वाली कानूनी प्रक्रिया से राहत मिलती है।
स्पेशल लोक अदालत में चेक बाउंस से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के साथ रखा गया। न्यायालय की ओर से पक्षकारों को अधिक से अधिक मामलों में समझौता और राजीनामा करने के लिए जानकारी दी गई। न्यायालय अधिकारियों ने दोनों पक्षों को आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने और समय एवं धन की बचत करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नारायणपुर बरखा रानी वर्मा, रिटेनर अधिवक्ता चंद्र प्रकाश कश्यप, अधिवक्ता जितेन्द्र शुक्ला, दीपिका भंडारी, अजय देवांगन, रोशन साहू सहित अन्य अधिवक्तागण एवं न्यायिक कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने लोक अदालत की प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग किया।
स्पेशल लोक अदालत के दौरान गठित खंडपीठों में चेक बाउंस के कई मामलों की सुनवाई की गई। खंडपीठ क्रमांक-2 की पीठासीन अधिकारी बरखा रानी वर्मा के समक्ष कुल 22 परिवाद प्रकरण रखे गए। इनमें से 5 प्रकरणों में पक्षकारों के बीच आपसी सहमति से राजीनामा कराया गया। इन मामलों में कुल 8 लाख 51 हजार रुपये की राशि की वसूली की गई। इसी तरह खंडपीठ क्रमांक-1 के पीठासीन अधिकारी जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश जितेंद्र कुमार ठाकुर के समक्ष कुल 9 परिवाद प्रकरण प्रस्तुत किए गए। इनमें से 2 मामलों में दोनों पक्षों की सहमति से समझौता हुआ। इन प्रकरणों में कुल 2 लाख 70 हजार रुपये की राशि की वसूली की गई।
इस प्रकार आयोजित विशेष लोक अदालत में कुल 7 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया और 11 लाख 21 हजार रुपये की राशि की वसूली हुई। लोक अदालत की इस कार्रवाई से कई पक्षकारों को राहत मिली और वर्षों से लंबित मामलों के समाधान का रास्ता साफ हुआ। न्यायालय प्रशासन ने बताया कि भविष्य में भी लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के लिए इस तरह की लोक अदालतों का आयोजन किया जाता रहेगा। लोक अदालतों का उद्देश्य आम नागरिकों को सरल और त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से पक्षकार बिना किसी अतिरिक्त खर्च और लंबी प्रक्रिया के अपने विवादों का समाधान कर सकते हैं।