रायपुर में सिंधी समाज का कार्यक्रम, सुषमा जेठानी का स्वागत

छग

Update: 2026-04-30 15:38 GMT
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ इकाई द्वारा सिंधी एकेडमी की प्रथम महिला अध्यक्ष सुषमा जेठानी का भव्य स्वागत और अभिनंदन किया गया। यह कार्यक्रम सिंधी काउंसिल के प्रदेश कार्यालय में आयोजित हुआ, जहां समाज के कई प्रमुख पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सिंधी काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष ललित जैसिंघ ने सुषमा जेठानी का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया और उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सिंधी एकेडमी की पहली महिला अध्यक्ष के रूप में सुषमा जेठानी का चयन पूरे समाज के लिए गर्व की बात है। उनके नेतृत्व में समाज और शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित होंगे।
इस अवसर पर सुषमा जेठानी ने अपने संबोधन में कहा कि वह पूरे छत्तीसगढ़ में सिंधी समाज के बच्चों की शिक्षा और विकास के लिए विशेष कार्य करेंगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में समाज को आगे बढ़ाना उनकी प्राथमिक प्राथमिकता होगी और इसके लिए वह हर संभव प्रयास करेंगी। प्रदेश अध्यक्ष ललित जैसिंघ ने कहा कि सिंधी एकेडमी के इतिहास में यह एक महत्वपूर्ण क्षण है, क्योंकि पहली बार किसी महिला को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा कि इससे समाज में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है। उन्होंने सुषमा जेठानी के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।
कार्यक्रम में मौजूद पदाधिकारियों ने भी सुषमा जेठानी का स्वागत किया और उनके नेतृत्व में समाज के विकास की उम्मीद जताई। उपाध्यक्ष धनेश मटलानी, रितेश वाधवा और सिंधु सभा के महामंत्री मुरलीधर शादीजा सहित कई गणमान्य लोग इस अवसर पर उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि सिंधी समाज शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है और नई नेतृत्व क्षमता समाज को और मजबूत बनाएगी। विशेष रूप से महिला नेतृत्व को बढ़ावा मिलना एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
सिंधी काउंसिल के पदाधिकारियों ने बताया कि आने वाले समय में शिक्षा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामाजिक विकास से जुड़े कई नए प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे, जिनमें समाज के युवाओं और महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने सुषमा जेठानी को शुभकामनाएं दीं और उनके नेतृत्व में समाज के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह आयोजन सिंधी समाज में एकता, सम्मान और विकास की भावना को मजबूत करने वाला माना जा रहा है।
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