स्थायी जाति प्रमाणपत्र का मूल प्रति बिना उम्मीदवार का चयन, PSC भर्ती में एक और गड़बड़ी

Update: 2025-09-27 11:13 GMT

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी का एक और मामला उजागर हुआ है। आरोप है कि साक्षात्कार के समय स्थायी जाति प्रमाणपत्र की मूल प्रति पेश किए बिना ही एक उम्मीदवार का चयन कर लिया गया। इस चयन को दिग्विजय दास सिरमौर ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस नरेश कुमार चंद्रवंशी की बेंच ने सीजीपीएससी को नोटिस जारी किया है और पूरा रिकॉर्ड पेश करने का आदेश दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी।

याचिकाकर्ता दिग्विजय दास सिरमौर ने कहा कि विज्ञापन की शर्तों के क्लॉज 10 (डी) के अनुसार इंटरव्यू के समय एसडीएम द्वारा जारी स्थायी जाति प्रमाणपत्र की मूल प्रति अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करनी होती है। अगर ऐसा नहीं होता है तो उम्मीदवार की उम्मीदवारी स्वतः निरस्त मानी जानी चाहिए।

याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता वाय. सी. शर्मा ने दलील दी कि चयनित उम्मीदवार प्रदीप कुमार सोनकर ने न तो इंटरव्यू के समय मूल प्रमाणपत्र पेश किया और न ही बाद में मान्य दस्तावेज प्रस्तुत किया। ऐसे में उसकी उम्मीदवारी पहले ही रद्द हो जानी चाहिए थी। कोर्ट ने आयोग से पूछा है कि प्रदीप कुमार सोनकर ने इंटरव्यू के समय स्थायी जाति प्रमाणपत्र की मूल प्रति जमा की थी या नहीं। साथ ही, सीजीपीएससी को नोटशीट सहित पूरा रिकॉर्ड कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया गया है।

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