स्कूल बसों का बड़े पैमाने पर किया निरीक्षण, 65 बसों पर 50,900 रुपये का लगाया जुर्माना
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Durg. दुर्ग। दुर्ग जिले में परिवहन विभाग ने निजी स्कूल बसों का बड़े पैमाने पर निरीक्षण और परीक्षण किया। इस दौरान कुल 230 बसों की जांच की गई, जिसमें 65 बसों पर दस्तावेजी एवं तकनीकी खामियों के चलते 50,900 रुपये का जुर्माना वसूल किया गया। यह कार्रवाई राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत की गई है, जो 1 जनवरी से 31 जनवरी तक पूरे देश में मनाया जा रहा है। इस निरीक्षण/परीक्षण का आयोजन सेक्टर 06 पुलिस ग्राउंड, भिलाई में 11 जनवरी 2026 से शुरू हुआ। परिवहन विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने स्कूल बसों के तकनीकी फिटनेस, दस्तावेज, चालक और परिचालकों की योग्यता की जांच की। वाहन चालकों और परिचालकों का स्वास्थ्य परीक्षण और नेत्र परीक्षण भी किया गया, ताकि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी दुर्ग एस.एल. लकड़ा के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम संचालित हुआ। निरीक्षण टीम में परिवहन निरीक्षक सनत कुमार जांगड़े, अरूणा साहू, अनिश बघेल, परिवहन उप निरीक्षक रिचा मिश्रा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, यातायात, जिला दुर्ग शामिल थे। जांच के दौरान पाया गया कि कुछ स्कूल बसों में दस्तावेज अनुपलब्ध थे, जबकि कई बसों में तकनीकी खामियां पाई गईं। इन खामियों के कारण संबंधित स्कूल बस मालिकों और संचालकों से जुर्माना वसूल किया गया। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि आगामी दिनों में नियमित रूप से स्कूल बसों की चेकिंग जारी रहेगी और कोई भी बस जो नियमों के अनुरूप नहीं पाई जाएगी, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। सड़क सुरक्षा और बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए इस अभियान को महत्व दिया गया है।
टीम ने स्कूल बस चालक और परिचालकों को सड़क सुरक्षा नियमों, वाहन संचालन में सावधानी और यात्रियों की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। नेत्र और स्वास्थ्य परीक्षण से यह सुनिश्चित किया गया कि बस चालक शारीरिक रूप से सक्षम हैं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य निजी स्कूल बसों में तकनीकी और दस्तावेजी खामियों को दूर करना, बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और सड़क दुर्घटनाओं को रोकना बताया गया। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे निरीक्षण नियमित रूप से किए जाएंगे ताकि नियमों का पालन हर स्कूल में कड़ाई से हो और माता-पिता निश्चिंत रहें कि उनके बच्चे सुरक्षित परिवहन से स्कूल जा रहे हैं। परिवहन विभाग ने आम जनता और स्कूल संचालकों से अपील की है कि वे बसों के रखरखाव और आवश्यक दस्तावेज समय पर अपडेट करें। विभाग ने बताया कि सड़क सुरक्षा का यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर उच्चतम न्यायालय और सड़क परिवहन मंत्रालय के दिशा निर्देशों के अनुरूप चलाया जा रहा है। इस निरीक्षण/परीक्षण कार्यक्रम से बच्चों की सुरक्षा, चालक क्षमता और वाहन तकनीकी मानकों की स्थिति का व्यापक आकलन किया गया। अधिकारियों ने भविष्य में भी जिले में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए लगातार जागरूकता कार्यक्रम और निरीक्षण जारी रखने का आश्वासन दिया।