रायपुर: छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 का संक्रमण बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में 10 नए संक्रमित मिले हैं। इसके बाद स्वाइन फ्लू के कुल मरीजों की संख्या 105 से बढ़कर 115 हो गई है। एक्टिव मरीज भी 18 से बढ़कर 28 हो गए हैं।
रायपुर में स्वाइन फ्लू के 3 नए मरीज मिले हैं। यहां कुल संक्रमितों की संख्या 51 से बढ़कर 54 हो गई है। एक्टिव केस भी 6 से बढ़कर 9 हो गए हैं। दुर्ग में 3 नए संक्रमित मिले हैं। इसके बाद यहां कुल मरीजों की संख्या 7 से बढ़कर 10 और एक्टिव मरीज 2 से बढ़कर 5 हो गए हैं।
रायगढ़ में 2 नए मरीज मिले हैं। यहां कुल संक्रमितों की संख्या 5 से बढ़कर 7 और एक्टिव मरीज 2 से बढ़कर 4 हो गए हैं। बिलासपुर में भी 1 नया केस सामने आया है। यहां कुल संक्रमितों की संख्या 12 से बढ़कर 13 और एक्टिव मरीज 2 से बढ़कर 3 हो गए हैं। सरगुजा में 1 नया मरीज मिला है। इसके बाद यहां कुल संक्रमितों की संख्या 2 से बढ़कर 3 हो गई है। एक्टिव मरीज भी 0 से बढ़कर 1 हो गया है।
स्वाइन फ्लू का संक्रमण अब उन जिलों में भी पहुंच गया है, जहां पहले कोई केस सामने नहीं आया था। बलौदाबाजार-भाटापारा, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और उत्तर बस्तर कांकेर में 1-1 नया मरीज मिला है। तीनों मरीज फिलहाल एक्टिव हैं।
धमतरी में अब तक 7 संक्रमित मिल चुके हैं, इनमें 4 एक्टिव हैं। कोरबा में 5 संक्रमितों में 1 एक्टिव और बेमेतरा में 3 संक्रमितों में 1 एक्टिव मरीज है। बस्तर में 2 मरीज मिल चुके हैं। इसके अलावा दंतेवाड़ा, गरियाबंद, जांजगीर-चांपा, जशपुर, महासमुंद, एमसीबी, राजनांदगांव और सूरजपुर में 1-1 मरीज मिल चुके हैं। इन जिलों में फिलहाल कोई एक्टिव केस नहीं है।
रायपुर में केंद्रीय जेल में पदस्थ एक अधिकारी भी स्वाइन फ्लू संक्रमित हुए हैं। उनका इलाज रायपुर के रामकृष्ण हॉस्पिटल में चल रहा है। बताया गया है कि अधिकारी परिवार के साथ कांकेर गए थे। वहां उन्हें बुखार, सर्दी और सांस लेने में परेशानी हुई। जांच कराने पर एच1एन1 टेस्ट पॉजिटिव आया। स्वास्थ्य विभाग ने अधिकारी के परिवार के सदस्यों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग कर ली है। परिवार के अन्य सदस्य स्वस्थ हैं।
अधिकारी सरगुजा में संक्रमित हुए या रायपुर-कांकेर प्रवास के दौरान, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। प्रदेश के बालोद, बलरामपुर-रामानुजगंज, बीजापुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कोडागांव, कोरिया, मुंगेली, नारायणपुर, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और सुकमा में अब तक स्वाइन फ्लू का एक भी मरीज नहीं मिला है।
डॉ. आरएल खरे के मुताबिक बुखार के साथ लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी या बहुत ज्यादा कमजोरी जैसे लक्षण हों तो इसे सामान्य वायरल समझकर खुद से दवा नहीं लेनी चाहिए। ऐसे लक्षण होने पर डॉक्टर से जांच और सलाह लेना जरूरी है।
बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। स्वाइन फ्लू संक्रमित व्यक्ति की खांसी या छींक से निकलने वाली बूंदों और नजदीकी संपर्क से फैल सकता है।
अगर लक्षण लगातार बने रहें या हालत बिगड़ती लगे तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी और समय पर इलाज जरूरी है।
स्वाइन फ्लू से बचाव के उपाय
स्वाइन फ्लू से बचने का सबसे आसान तरीका है कि आप नियमित रूप से साबुन और पानी से हाथ धोएं और बिना धुले हाथों से अपनी आंखों, नाक या मुंह को न छुएं। इसके अलावा, खांसते या छींकते समय अपने मुंह को टिश्यू या अपनी कोहनी से ढकें और इस्तेमाल किए गए टिश्यू को सही तरीके से फेंक दें। मास्क पहनना भी फायदेमंद होता है। 
अगर किसी में संक्रमण की पुष्टि होती है, तो उन्हें कुछ दिनों के लिए आइसोलेट रखें। बुखार, खांसी या फ्लू जैसी बीमारी के लक्षण होने पर स्कूल, काम या भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने से संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद मिलती है। 
साथ ही, अपने कमरे में हवा के आने-जाने का अच्छा इंतजाम रखें। बंद और भीड़-भाड़ वाली जगहों की तुलना में अच्छी वेंटिलेशन संक्रमण फैलने के जोखिम को कम करने में मदद करती है। इसके अलावा, टीकाकरण के बारे में डॉक्टर से सलाह लें। इन्फ्लूएंजा का टीका मौसमी फ्लू से बचने और गंभीर बीमारी के जोखिम को कम करने के सबसे असरदार उपायों में से एक है। यह स्वास्थ्य कर्मियों और ज्यादा जोखिम वाले समूहों के लोगों के लिए खास तौर पर जरूरी है। 
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