Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के खम्हारडीह थाना क्षेत्र में 5 मार्च की शाम हुई मारपीट की घटना अब बड़ा विवाद बनती जा रही है। इस मामले में जहां एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर धारदार हथियार से हमला करने का आरोप लगाया है, वहीं दूसरे पक्ष ने पुलिस पर बिना पूरी जांच के एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और दोनों पक्ष अपनी-अपनी शिकायतें लेकर सामने आ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक घटना 5 मार्च की शाम करीब 5 से 6 बजे के बीच की बताई जा रही है। उस समय इलाके में दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया था। देखते ही देखते यह बहस बढ़कर मारपीट में बदल गई। बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान राम तांडी बीच-बचाव करने पहुंचे थे। इसी दौरान उनका रमेश सोनी के साथ विवाद हो गया और कथित रूप से राम तांडी ने रमेश सोनी को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद मामला और भड़क गया। आरोप है कि रमेश सोनी के परिवार के कुछ लोगों ने मिलकर राम तांडी पर हमला कर दिया। इस दौरान उन पर धारदार हथियार से लगातार वार किए गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद आसपास के लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला और घायल को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
इस मामले में पीड़ित पक्ष की शिकायत ना लेकर पुलिस प्रधान आरक्षक हरनारायण राठौर ने रिंकेश तांडी, राम तांडी (घायल), प्रेम तांडी, विजय जगत और पदमा नायक को हिरासत में ले लिया है। इन लोगों पर आरोप लगा है कि तांडी परिवार के कई लोगों ने मिलकर सोनी परिवार पर जानलेवा हमला किया।
वही प्रधान आरक्षक हरनारायण राठौर ने इस मामले में आरोपी पक्ष प्रकाश सोनी, रमेश सोनी, हरीश सोनी, भानु सोनी, नरेश सोनी, महेश सोनी, रेनू सोनी, प्रिय सोनी, ज्योति अडवंग और सुधीर अडवंग के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया है।
घायल व्यक्ति का वीडियो
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 296, 3(5) और 351(3) के तहत अपराध दर्ज किया है। इन धाराओं के तहत मारपीट, सार्वजनिक स्थान पर अशोभनीय व्यवहार, एक से अधिक लोगों द्वारा अपराध करना और जान से मारने की धमकी देने जैसे आरोप शामिल हैं। इसी बीच इस मामले में दूसरा पक्ष भी सामने आया है और उसने भी अपनी शिकायत दर्ज कराई है। दूसरे पक्ष की ओर से राजीव गांधी नगर स्थित नेहा किराना स्टोर्स के पास रहने वाली एक महिला ने घटना की अलग कहानी बताई है। महिला के अनुसार 6 मार्च की रात करीब 7:30 बजे वह अपने भाई हरीश सोनी के साथ घर पर बातचीत कर रही थी। उसी दौरान पड़ोस में रहने वाली पदमा नायक वहां पहुंचीं और उनके भाई के खिलाफ रिपोर्ट करने की बात कहते हुए नाम लेकर गाली-गलौज करने लगीं।
महिला का कहना है कि शोर सुनकर वह और उनकी भाभी रेणूका सोनी घर से बाहर आए और पदमा नायक को गाली देने से मना किया। आरोप है कि इसी दौरान पदमा नायक ने उनकी भाभी को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद विवाद और बढ़ गया और आसपास के लोग भी मौके पर जमा हो गए। महिला ने आरोप लगाया कि शोर सुनकर विजय जगत, प्रेम तांडी और रिंकेश तांडी वहां पहुंचे और सभी ने मिलकर गाली-गलौज करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद हाथ-मुक्कों से मारपीट शुरू हो गई। शिकायत के मुताबिक मारपीट के दौरान महिला के चेहरे, पीठ और बाएं हाथ की उंगली में चोट आई है। वहीं उनकी भाभी रेणूका सोनी को बांस के डंडे से मारने का आरोप लगाया गया है, जिससे उनके बाएं पैर के घुटने के पास और दाहिनी कलाई में चोट आई है।
इस घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों के अनुसार विवाद पहले एक मामूली बहस से शुरू हुआ था, लेकिन धीरे-धीरे यह झगड़ा इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और मारपीट की नौबत आ गई। घटना के बाद दोनों पक्षों ने अलग-अलग जगहों पर उपचार भी कराया है और पुलिस को शिकायत दी है। दूसरे पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच किए बिना ही एकतरफा कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया है। उनका कहना है कि जिन लोगों का घटना से कोई लेना-देना नहीं था, उनके नाम भी रिपोर्ट में शामिल कर दिए गए हैं।
वहीं पुलिस का कहना है कि उन्हें जो शिकायत मिली, उसके आधार पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोनों पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं। पुलिस का यह भी कहना है कि जांच के दौरान जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी, वहीं जिन लोगों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलेंगे, उनके नाम मामले से हटाए भी जा सकते हैं। फिलहाल इस घटना को लेकर खम्हारडीह क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। दोनों पक्ष अपने-अपने आरोपों के साथ सामने आ रहे हैं और पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सकेगी।