Raipur. रायपुर। राजस्व बकाया की वसूली के लिए जिला पंजीयक, रायपुर ने दो संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई की है। यह कार्रवाई भूमि एवं संपत्ति क्रय के दौरान तथ्य छिपाकर पंजीयन कराने और बार-बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद देय मुद्रांक एवं पंजीयन शुल्क जमा न करने के कारण की गई। जिला पंजीयक से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रथम प्रकरण में इंडस बैस्ट मेगा फ़ूड पार्क प्रा.लि., नई दिल्ली के डायरेक्टर सत्यपाल सिन्धु और पुनीत बुरा निवासी रोहतक, हरियाणा के खिलाफ तहसील अभनपुर स्थित ग्राम जामगांव में 1.34 हेक्टेयर भूमि पर 7,85,330 रुपए की बकाया राशि दर्ज है। दूसरी संपत्ति के प्रकरण में अग्रोहा कॉलोनी रायपुर निवासी श्री रूपेश कुमार चौबे पर अग्रोहा कॉलोनी स्थित आवासीय भूमि एवं मकान पर 7,83,600 रुपए की बकाया राशि दर्ज थी।
इन बकाया राशियों के चलते दोनों संपत्तियों को कुर्क कर दिया गया है। साथ ही इन संपत्तियों के विक्रय, अंतरण, बंधक या अन्य किसी भी प्रकार के हस्तांतरण पर रोक लगा दी गई है, जब तक बकाया राशि पूरी तरह से वसूल नहीं हो जाती। जिला पंजीयक विनोद कोचे ने बताया कि संबंधित बकायादारों को 15 दिनों का अंतिम अवसर दिया गया है। यदि निर्धारित अवधि में बकाया राशि जमा नहीं की जाती है, तो नियमानुसार संपत्तियों की सार्वजनिक नीलामी की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी और कोई भी बकायादार देरी करने या नियमों की अनदेखी करने में असफल नहीं रहेगा।
जिला प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई न केवल राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के लिए है, बल्कि अन्य संपत्तियों पर भी एक चेतावनी का काम करेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी संपत्ति का पंजीयन या हस्तांतरण करते समय सभी देय शुल्क जमा करना अनिवार्य है और नियमों की अनदेखी करने वाले के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। विशेष रूप से यह ध्यान देने योग्य है कि राजस्व बकाया वसूली में देरी केवल वित्तीय नुकसान नहीं बल्कि प्रशासनिक अनियमितताओं को भी बढ़ावा देती है। इसी कारण से जिला पंजीयक का निर्देश है कि सभी संपत्ति मालिक अपने बकाया देय राशि का भुगतान समय पर करें और प्रशासन की अनुमति के बिना कोई भी लेन-देन न करें।
जिला प्रशासन ने यह भी बताया कि कुर्क की गई संपत्तियों की जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा की गई है, ताकि किसी भी तरह की गलतफहमी या विवाद से बचा जा सके। कुर्क की गई संपत्तियों की निगरानी लगातार की जाएगी और बकाया राशि की वसूली तक कोई भी कार्रवाई संपत्तियों के खिलाफ रोकी नहीं जाएगी। इस प्रकार की कार्रवाई से क्षेत्र के सभी संपत्ति मालिकों को यह संदेश भी जाता है कि राजस्व बकाया की वसूली के लिए प्रशासन किसी भी स्तर पर कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे मामलों में प्रशासन का उद्देश्य केवल राशि वसूल करना नहीं, बल्कि नियमों का पालन सुनिश्चित करना भी है।