रायपुर का सबसे बड़ा ड्रग तस्कर चंदन सोनकर गिरफ़्तार, मामूली प्रतिबंधात्मक धाराओं में मामला दर्ज

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Update: 2025-08-15 13:53 GMT
Raipur. रायपुर। राजधानी में सोशल मीडिया पर वायरल हुए ड्रग्स सेवन के वीडियो के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तो की, लेकिन जिस तरह से यह कार्रवाई की गई है, उस पर सवाल उठ रहे हैं। वीडियो में नशा करते दिख रहे नेताओं और रसूखदार कारोबारियों के रिश्तेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि कुछ अन्य आरोपियों पर केवल मामूली प्रतिबंधात्मक धाराओं में मामला दर्ज किया गया। पुरानी बस्ती थाना पुलिस के मुताबिक, वीडियो में नशा करते दिख रहे
चार आरोपियों– चंदन सोनकर, रितेश सोनी, शिवम धीवर और तैफीउद्दीन
– को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मामूली धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। साथ ही, प्रत्येक आरोपी पर दो-दो लाख रुपये के बाउंड ओवर की शर्त लगाई गई है।

रायपुर में ड्रग्स का काला कारोबार, तीन बड़े गैंग सक्रिय

राजधानी में ड्रग्स का अवैध कारोबार लगातार फैलता जा रहा है। फिलहाल तीन बड़े गैंग — AK गैंग, बनिया गैंग और SR गैंग — सक्रिय रूप से ड्रग्स सप्लाई कर रहे हैं। इन गैंग्स ने अपने-अपने क्षेत्रों में युवाओं को जोड़कर एक मजबूत सप्लाई चेन तैयार की है। सूत्रों के अनुसार, ग्राहक की डिमांड मिलने पर ड्रग्स की डिलीवरी तय समय और स्थान पर पहुंचाई जाती है। इसके लिए गैंग के सदस्य बाइक, कार और यहां तक कि पैदल भी डिलीवरी करते हैं। गैंग अपने सदस्यों को बाकायदा ट्रेनिंग देते हैं कि पुलिस की निगरानी से कैसे बचना है, मोबाइल और सोशल मीडिया का सुरक्षित इस्तेमाल कैसे करना है और पकड़े जाने की स्थिति में क्या कहना है। रायपुर के राजेन्द्र नगर, समता कॉलोनी, शिवनगर, भाठागांव, डीडी नगर, नेहरू नगर, कालीबाड़ी, देवेंद्र नगर और तेलीबांधा थाना क्षेत्रों में यह कारोबार तेजी से पनप रहा है। इन इलाकों में नशे का जाल खासकर कॉलेज और बेरोजगार युवाओं के बीच फैल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस अवैध व्यापार की जानकारी पुलिस को है, लेकिन अब तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि कुछ पुलिसकर्मी इन गैंग्स से सांठगांठ कर मामलों को दबा देते हैं, जिससे इनकी गतिविधियां बेखौफ जारी हैं। शहर में नशे की बढ़ती समस्या समाज के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। जानकारों का मानना है कि अगर जल्द ही इन गैंग्स पर नकेल नहीं कसी गई, तो आने वाले समय में युवाओं में नशे की लत और अपराध दर दोनों तेजी से बढ़ सकते हैं।


पुलिस ने बताया कि घटना में शामिल नाबालिगों को काउंसलिंग कर उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर उनकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे किन-किन लोगों के संपर्क में थे और ड्रग्स कहां से मंगाते थे। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने एक ड्रग पैडलर को भी पकड़ा है जो कथित तौर पर नेताओं और बड़े कारोबारियों के रिश्तेदारों को ड्रग सप्लाई करता था। हैरानी की बात यह है कि उसके खिलाफ भी केवल मामूली धाराओं में मामला दर्ज हुआ है। इतना ही नहीं, फार्म हाउस संचालक, जहां ड्रग पार्टी हुई थी, के खिलाफ भी पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका संदेह के घेरे में है। शहर में चर्चा है कि पुलिस पर राजनीतिक दबाव के चलते रसूखदार परिवारों के लोगों को बचाया जा रहा है। जबकि वीडियो में स्पष्ट रूप से कई ऐसे चेहरे नजर आ रहे हैं जो सीधे तौर पर ड्रग्स का सेवन कर रहे हैं। कानून विशेषज्ञों का मानना है कि NDPS एक्ट के तहत ड्रग्स सेवन और सप्लाई, दोनों ही गंभीर अपराध हैं, जिनमें कठोर सजा का प्रावधान है। ऐसे में केवल प्रतिबंधात्मक धाराओं में कार्रवाई करना इस मामले को हल्के में लेने जैसा है। इस घटना ने एक बार फिर राजधानी रायपुर में ड्रग्स के नेटवर्क और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह भी साफ हो गया है कि शहर में ड्रग्स का कारोबार केवल अज्ञात लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें समाज के रसूखदार तबके के लोग भी शामिल हैं।
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