Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में यातायात पुलिस के तीन जवानों ने अपनी सतर्कता, साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए ड्यूटी समाप्त होने के बाद भी एक पर्स छीनकर भाग रहे आरोपी को पीछा कर पकड़ लिया। आरोपी की तलाशी लेने पर उसके कब्जे से एक धारदार चाकू भी बरामद हुआ। इसके बाद उसे तत्काल थाना गंज पुलिस के हवाले कर दिया गया, जहां आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर ने तीनों यातायात कर्मियों के इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा करते हुए इसे जनसुरक्षा के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार यातायात थाना फाफाडीह में पदस्थ आरक्षक क्रमांक 1644 मोतीलाल लहरे, सैनिक क्रमांक 105 महेश सिंह और सैनिक क्रमांक 135 अशोक शर्मा अपनी नियमित ड्यूटी पूरी करने के बाद घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में एक ट्रक चालक ने उनसे मदद की गुहार लगाई। चालक ने बताया कि एक व्यक्ति किसी का पर्स छीनकर मौके से भाग रहा है और यदि तत्काल कार्रवाई नहीं की गई तो वह फरार हो जाएगा। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तीनों यातायात कर्मियों ने बिना समय गंवाए आरोपी का पीछा शुरू कर दिया। उन्होंने सूझबूझ और त्वरित निर्णय क्षमता का परिचय देते हुए आरोपी की घेराबंदी की और कुछ ही दूरी पर उसे पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों की तत्परता के कारण आरोपी भागने में सफल नहीं हो सका और संभावित रूप से किसी बड़ी घटना को समय रहते टाल दिया गया।
आरोपी को पकड़ने के बाद यातायात कर्मियों ने नियमानुसार उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक धारदार चाकू बरामद हुआ। चाकू मिलने के बाद मामला और गंभीर हो गया, क्योंकि इससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी वारदात के दौरान हथियार का इस्तेमाल कर सकता था या लोगों को नुकसान पहुंचा सकता था। यातायात कर्मियों ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी तत्काल थाना गंज के पेट्रोलिंग स्टाफ को दी। सूचना मिलने पर थाना गंज पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को अपने कब्जे में लेकर बरामद चाकू समेत आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। थाना गंज में आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 226/2026 दर्ज करते हुए आर्म्स एक्ट की धारा 25 एवं 27 के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर उसके आपराधिक रिकॉर्ड और वारदात के उद्देश्य की भी जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यातायात पुलिस के जवानों ने जिस तरह ड्यूटी समाप्त होने के बाद भी सक्रियता दिखाई, वह पुलिस सेवा की वास्तविक भावना को दर्शाता है। आमतौर पर ड्यूटी समाप्त होने के बाद कर्मचारी अपने घर लौट जाते हैं, लेकिन इन जवानों ने नागरिक की मदद की पुकार सुनते ही अपनी जिम्मेदारी निभाई और बिना किसी हिचकिचाहट के आरोपी का पीछा कर उसे गिरफ्तार कराया। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि पुलिसकर्मी की जिम्मेदारी केवल निर्धारित कार्य अवधि तक सीमित नहीं होती, बल्कि समाज की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसका निरंतर दायित्व है। मोतीलाल लहरे, महेश सिंह और अशोक शर्मा ने अपने साहस, सतर्कता और कर्तव्यनिष्ठा से यह साबित किया है कि पुलिस हर परिस्थिति में जनता की सुरक्षा के लिए तत्पर रहती है।
इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि पुलिस की सजगता और आम नागरिकों का सहयोग अपराध पर प्रभावी नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि ट्रक चालक समय रहते पुलिसकर्मियों से सहायता नहीं मांगता और यातायात जवान तुरंत कार्रवाई नहीं करते, तो आरोपी आसानी से फरार हो सकता था। पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर अपराधियों को कानून के शिकंजे में लाया जा सके। यातायात पुलिस के इन तीनों कर्मचारियों का यह साहसिक कार्य न केवल विभाग के लिए गौरव की बात है, बल्कि यह आम लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास को भी और मजबूत करता है। जनसेवा, तत्परता और कानून के प्रति समर्पण का यह उदाहरण पुलिस विभाग की सकारात्मक कार्य संस्कृति को भी दर्शाता है।