रायपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल, पीड़िता के घर में आग और उसी पर FIR

Update: 2026-02-11 07:36 GMT

रायपुर। राजधानी रायपुर के बीरगांव इलाके से सामने आए एक मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक महिला को पहले उसके घर में आगजनी की घटना का सामना करना पड़ा और अब उसी महिला के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।

पूरा मामला उरला थाना क्षेत्र के अंतर्गत बीरगांव नगर निगम के सत्या नगर वार्ड क्रमांक-22 का है। यहां की निवासी भगवती कोशले, पति सुखचंद कोशले, के मकान में करीब तीन से चार दिन पहले अज्ञात लोगों द्वारा आग लगा दी गई थी। इस आगजनी में घर का अधिकांश घरेलू सामान जलकर राख हो गया। पीड़िता ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और शिकायत दर्ज कराई, लेकिन आरोप है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद न तो आरोपियों की पहचान हो सकी और न ही कोई ठोस कार्रवाई की गई। आगजनी की घटना में सब कुछ गंवा चुकी महिला न्याय न मिलने से मानसिक रूप से आहत हो गई। इसी बीच उसने मीडिया से बातचीत के दौरान अपनी पीड़ा व्यक्त की। बातचीत के दौरान उसने रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू को लेकर आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग कर दिया। यह बयान कैमरे में रिकॉर्ड हुआ और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

वीडियो वायरल होने के बाद मामला राजनीतिक रंग लेने लगा। विधायक और भारतीय जनता पार्टी से जुड़े लोग उरला थाना पहुंचे और महिला के साथ-साथ वीडियो को वायरल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

पीड़िता के खिलाफ ही दर्ज हो गई एफआईआर

शिकायत के आधार पर उरला थाना पुलिस ने आगजनी की पीड़िता महिला भगवती कोशले एवं अन्य के खिलाफ गाली-गलौज और आपत्तिजनक भाषा के आरोप में एफआईआर दर्ज कर ली। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला पंजीबद्ध किया है। इस पूरे घटनाक्रम में हैरानी की बात यह है कि जिस महिला का घर जलाया गया, उसी महिला को आरोपी बना दिया गया, जबकि आगजनी की मूल घटना पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।

मामले को लेकर जब उत्तर क्षेत्र के डीसीपी मयंक गुर्जर से सवाल किया गया तो उन्होंने एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि की। हालांकि, जब उनसे मामले की विस्तृत जानकारी मांगी गई तो उन्होंने यह कहते हुए बातचीत टाल दी कि “आप मुझसे कैजुअली क्यों बात कर रहे हैं?” डीसीपी के इस जवाब को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं।

वहीं उरला थाना प्रभारी रोहित मालेकर ने बताया कि प्रारंभिक रूप से गाली-गलौज से संबंधित एफआईआर दर्ज की गई है और मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस ने आगजनी की पीड़िता को न्याय दिलाने के बजाय उसी के खिलाफ कार्रवाई कर दी। लोगों का कहना है कि जब तक महिला के घर में आग लगाने वाले आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठते रहेंगे। आगजनी की घटना में अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी न होना और पीड़िता के खिलाफ एफआईआर दर्ज होना पुलिस प्रशासन की कार्यशैली और प्राथमिकताओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रहा है।

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