रायपुर में बड़ी कार्रवाई, 5.64 लाख टैक्स बकायेदार की फर्म निगम ने किया सील
छग
Raipur. रायपुर। राजधानी में नगर निगम प्रशासन ने टैक्स बकायादारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को निगम की राजस्व विभाग की टीम ने एक बड़े बकायादार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी फर्म को सील कर दिया। यह कार्रवाई नगर निगम आयुक्त विश्वदीप के आदेश पर की गई, जबकि मौके पर कार्रवाई की निगरानी उपायुक्त (राजस्व) जागृति साहू और जोन-2 के जोन कमिश्नर डॉ. आर.के. डोंगरे के निर्देश पर की गई। जानकारी के अनुसार, राजीव गांधी वार्ड क्रमांक 13 में स्थित एक भवन स्वामी और कारोबारी दिलीप कुमार पटेल पर लंबे समय से नगर निगम का 5,64,761 रुपये का संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) बकाया था। बकाया कर की वसूली के लिए कई बार नोटिस और रिमाइंडर भेजे गए, लेकिन बकायादार द्वारा भुगतान नहीं किए जाने पर निगम ने सख्ती दिखाते हुए उनकी फर्म को सील करने की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान निगम टीम में जोन-2 राजस्व अधिकारी, वार्ड राजस्व निरीक्षक सहित निगम का फील्ड स्टाफ भी मौजूद रहा। निगम टीम ने मौके पर पहुंचते ही बकायादार के परिसर का निरीक्षण किया और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए फर्म को सीलबंद कर दिया। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई कर चोरी और बकाया भुगतान से बचने वालों को चेतावनी देने के उद्देश्य से की गई है।
निगम प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि शहर में जिन भवन स्वामियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कर बकाया है, उनके खिलाफ इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। निगम की प्राथमिकता राजस्व वसूली को बढ़ाना और शहर के विकास कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन सुनिश्चित करना है। उपायुक्त जागृति साहू ने कहा कि नगर निगम की राजस्व टीम नियमित रूप से बकायादारों की सूची तैयार कर रही है और जिन संपत्ति मालिकों ने बकाया कर का भुगतान नहीं किया है, उनके खिलाफ बिना किसी पूर्व सूचना के सीलिंग या कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी बकायादारों से अपील की है कि वे समय रहते कर का भुगतान कर दें, ताकि उनके प्रतिष्ठानों या भवनों पर कार्रवाई न की जाए। नगर निगम के अनुसार, राजस्व वसूली बढ़ाने के लिए अब जोन स्तर पर स्पेशल रिव्यू ड्राइव चलाया जा रहा है। इसके तहत बड़े कर बकायादारों की सूची तैयार कर वार्डवार कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान का उद्देश्य उन संपत्तियों से टैक्स वसूलना है, जिन पर वर्षों से बकाया चल रहा है और जिनकी वजह से निगम को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। स्थानीय नागरिकों ने भी निगम की इस कार्रवाई का समर्थन किया है और कहा कि शहर के विकास के लिए टैक्स भुगतान करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय से कई कारोबारी और भवन स्वामी टैक्स भुगतान से बचते रहे हैं, जिससे आम जनता के लिए जरूरी सुविधाओं पर असर पड़ता है। नगर निगम का यह अभियान आने वाले दिनों में और तेज होने वाला है। निगम प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति या फर्म कर बकाया रखेगी, उसके खिलाफ “नो पेमेंट, नो ओपनिंग” की नीति के तहत सीलिंग या कुर्की की कार्यवाही अनिवार्य रूप से की जाएगी।