Raipur. रायपुर। टैगोर नगर सब स्टेशन में कार्यरत सब स्टेशन ऑपरेटर तेजेश्वर साहू की ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई। मृतक के परिजन मौके पर पहुंच गए हैं, लेकिन बिजली कार्यालय के कर्मचारियों और ठेकेदार के देर से पहुंचने के कारण घटनास्थल पर काफी समय तक शव पड़ा रहा। सूत्रों के अनुसार तेजेश्वर साहू की ड्यूटी 8 घंटे की शिफ्ट के हिसाब से तय थी, लेकिन ठेकेदार द्वारा एक सप्ताह की लगातार ड्यूटी देने की व्यवस्था की गई थी। इसका मतलब यह हुआ कि एक ही ऑपरेटर को लगातार 24 घंटे काम करना पड़ रहा था, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ने की आशंका रहती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सब स्टेशन के पास आसपास के लोग ही घटना का पता लगाकर मदद के लिए पहुंचे। अगर वे नहीं आते तो कई दिनों तक शव वहीं पड़ा रह सकता था। यह व्यवस्था और लगातार लंबी ड्यूटी देने का तरीका बिजली विभाग और ठेकेदार दोनों की लापरवाही को उजागर करता है।

स्थानीय सूत्रों ने बताया कि बिजली विभाग और ठेकेदार ने ऑपरेटरों की ड्यूटी का प्रबंधन सही ढंग से नहीं किया, जिससे तेजेश्वर साहू जैसी घटना हुई। इसमें दोनों पक्षों की मिलीभगत और जिम्मेदारी की कमी दिखाई देती है। बिजली विभाग में कर्मचारियों और ठेकेदार द्वारा लंबे समय तक किसी भी आपात स्थिति के लिए तत्काल प्रतिक्रिया न देना गंभीर मुद्दा है। ऑपरेटर की सुरक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान न रखना विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। इस घटना ने सब स्टेशन ऑपरेटरों की ड्यूटी और काम के लंबे समय तक
लगातार
काम करने की स्थिति को लेकर भी चर्चा शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि 8 घंटे की ड्यूटी को बदलकर 24 घंटे लगातार कार्य देना स्वास्थ्य और सुरक्षा दोनों के लिहाज से खतरनाक है। परिजनों ने कहा कि बिजली विभाग और ठेकेदार दोनों की जिम्मेदारी तय की जाए और भविष्य में इस तरह की लापरवाही न हो, इसके लिए सख्त कदम उठाए जाएं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और बिजली विभाग से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इस घटना ने बिजली विभाग की ड्यूटी व्यवस्थाओं, कर्मचारियों की सुरक्षा और ठेकेदार की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़ा कर दिए हैं।
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